
कांग्रेस नेता शमा मोहम्मद (फोटो - एएनआई)
TMC Crisis: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों के नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया में शामिल होने के फैसले पर कांग्रेस नेता शमा मोहम्मद ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताते हुए सांसदों की नैतिकता पर सवाल उठाए है। शमा मोहम्मद ने कहा कि अगर इन सांसदों में हिम्मत है तो वे तुरंत इस्तीफा दें और पश्चिम बंगाल में नई पार्टी के सिंबल और चेहरे के साथ दोबारा चुनाव लड़कर दिखाएं। कांग्रेस नेता का बयान ऐसे समय आया है जब टीएमसी के भीतर बगावत और सांसदों के पाला बदलने को लेकर राष्ट्रीय राजनीति में बहस तेज हो गई है।
शमा मोहम्मद ने मीडिया बातचीत के दौरान कहा कि सबसे पहले तो मैं हंस रही हूं, क्योंकि यह नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया, एक ऐसा संगठन जिसके बारे में मैंने आज तक सुना तक नहीं था। दूसरा, इस देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को क्या हो गया है, कल आंध्र प्रदेश में जनता दल यूनाइटेड के विधायक और सांसद अचानक यह दावा कर सकते हैं कि वे महाराष्ट्र में नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के साथ जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, कि मैं इन दलबदल करने वाले सांसदों को चुनौती देती हूं। अगर उनमें हिम्मत है तो वे तुरंत इस्तीफा दें और पश्चिम बंगाल में नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया के सिंबल और नेतृत्व के चेहरे के साथ दोबारा चुनाव लड़ें। उन्हें इस्तीफा देना चाहिए और थोड़ी हिम्मत दिखानी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रस्तावित मुलाकात को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा इस बैठक में मजबूती से उठाया जाना चाहिए। शमा मोहम्मद ने कहा कि हमारे तीन भारतीय नाविकों की दुखद मौत हुई है। हमें जवाब मांगना चाहिए कि उनकी मौत कैसे हुई। क्या अमेरिकी सेना ने हमारे जहाज पर हमला किया और उन्हें मार दिया। यह एक बेहद गंभीर मुद्दा है जिसे बैठक में उठाया जाना चाहिए और जवाबदेही तय होनी चाहिए। आखिर ऐसा क्यों है कि अमेरिका एकतरफा कार्रवाई करता है और हमारे प्रधानमंत्री पूरी तरह चुप रहते हैं।
बता दें कि, कई दिनों की अटकलों के बाद रविवार 14 जून 2026 को टीएमसी के 20 बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से नई दिल्ली स्थित आवास पर मुलाकात की और नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय का पत्र सौंप दिया है। बागी सांसदों ने अलग गुट बनाने के बजाय एक पंजीकृत क्षेत्रीय दल में शामिल होने का फैसला इसलिए किया ताकि दल-बदल कानून के तहत कानूनी दिक्कतों से बचा जा सके। बागी सांसदों की नेता काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए के साथ मिलकर देशहित में काम करेंगे। लोकसभा अध्यक्ष कार्यालय के अनुसार बैठक में 19 सांसद मौजूद थे, जबकि बागी गुट ने 20 सांसदों के समर्थन का दावा किया।
Updated on:
15 Jun 2026 05:53 pm
Published on:
15 Jun 2026 04:53 pm
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