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राष्ट्र निर्माता हैं घर संभालने वाली महिलाएं- बोले सुप्रीम कोर्ट के जज संजय करोल, इनकी सेवा का न्यूनतम मोल भी बताया

सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा गृहिणियों (Homemakers) का बिना वेतन वाला घरेलू काम केवल पारिवारिक जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान है।

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Jun 11, 2026
Supreme Court
गृहिणियों का राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान (ANI)

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि गृहिणियों (Homemakers) का बिना वेतन वाला घरेलू काम केवल पारिवारिक जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अब घरेलू देखभाल सेवाओं (Loss of Domestic Services) के नुकसान को मुआवजे की गणना में एक स्वतंत्र आधार के रूप में शामिल किया जाना चाहिए। इस फैसले को महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक योगदान की औपचारिक कानूनी मान्यता की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

खबर अपडेट की जा रही है।

Updated on:
11 Jun 2026 12:34 pm
Published on:
11 Jun 2026 12:31 pm