
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश (Photo-IANS)
Exam Reforms Task Force: कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने परीक्षा सुधारों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित हाई-पावर्ड टास्क फोर्स पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार अब तक डॉ. के. राधाकृष्णन समिति की 101 सिफारिशों को पूरी तरह से लागू करने में विफल रही है, जिसका गठन साल 2024 में किया गया था। उन्होंने इस हाई पावर्ड टास्क फोर्स को प्रधानमंत्री की छवि को बेहतर बनाने की एक कोशिश बताया। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि नई टास्क फोर्स परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में काम करेगी।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि जून 2024 में NEET-UG सहित कई परीक्षाओं में गड़बड़ी के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षाओं के पारदर्शी, सुचारू और निष्पक्ष संचालन के लिए पूर्व ISRO चेयरमैन डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया था। अब एक बार फिर से परीक्षाओं में गड़बड़ी करने के बाद सरकार ने एक और हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया है।
जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार अब तक डॉ. के. राधाकृष्णन समिति की 101 सिफारिशों को पूरी तरह से लागू करने में विफल रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि 2024 और 2026 के बीच लगभग दो साल तक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में कोई डायरेक्टर जनरल नियुक्त नहीं किया गया था। अपनी पोस्ट में जयराम रमेश ने लिखा कि यह पूरी कवायद प्रधानमंत्री की बुरी तरह खराब हो चुकी छवि को सुधारने की महज एक हाई पावर्ड कोशिश है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने परीक्षा सुधारों के लिए एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया है। इस मल्टी-डिसिप्लिनरी समिति में तकनीक, अंतरिक्ष, इंटेलिजेंस, शिक्षा और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हैं। इस टास्क फोर्स में नंदन नीलेकणि, पूर्व ISRO प्रमुख एस. सोमनाथ, पूर्व IB निदेशक तपन डेका, IIT मद्रास के निदेशक वी. कामाकोटी, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा को शामिल किया गया है।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा कि सरकार उन लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है जो छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हैं और कई आरोपी पहले ही जेल में हैं। पीएम ने परीक्षा प्रणाली को भरोसेमंद, पारदर्शी और टेक्नोलॉजी पर आधारित बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री ने कहा कि भविष्य की परीक्षाओं की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय टास्क फोर्स परीक्षा सुधारों पर काम करेगी।
Updated on:
26 Jul 2026 09:32 pm
Published on:
26 Jul 2026 09:32 pm
