US-इजरायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री माइन्स बिछाना शुरू किया, अमेरिका ने जहाजों को निशाना बनाया और सैन्य विकल्प खुले रखे हैं। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
US-Israel vs Iran: अमेरिका-इजरायल और ईरान सैन्य संघर्ष ने दुनिया भर के देशों को मुश्किल में डाल दिया है। एक तरफ अमेरिका और इजरायल के हमले लगातार जारी हैं, वहीं दूसरी तरफ ईरान भी हथियार डालने को तैयार नहीं है। इसी बीच हैरान और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री बारूदी सुरंगें (माइन्स) बिछाना शुरू कर दिया है। खास बात यह है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक महत्वपूर्ण वैश्विक ऊर्जा गलियारा है, जहां से दुनिया की कच्चे तेल की आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान की तरफ से माइन्स बिछाने की गतिविधि फिलहाल सीमित है। ईरान के पास अभी भी लगभग 80-90% छोटी नावें और माइन्स बिछाने वाले जहाज सुरक्षित हैं। इसका अर्थ है कि स्थिति बिगड़ने पर वह सैकड़ों माइन्स तैनात कर सकता है। वैसे भी IRGC ने पहले ही चेतावनी दे दी है कि होर्मुज से गुजरने वाले किसी भी जहाज पर हमला किया जा सकता है। ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद यह जलमार्ग लगभग बंद हो गया है। अधिकारियों ने नेविगेशन से जुड़े खतरों के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की वर्तमान स्थिति को "डेथ वैली" (मौत की घाटी) बताया है।
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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के 10 ऐसे जहाज नष्ट कर दिए हैं, जिन्हें समुद्र में माइन्स बिछाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता था। ये जहाज उस समय सक्रिय नहीं थे। सोशल मीडिया पर ट्रंप ने कहा कि अभी और कार्रवाई की संभावना है, जिससे संकेत मिलता है कि अमेरिका अतिरिक्त माइन-बिछाने वाले जहाजों को निशाना बना सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बढ़ते संघर्ष के बीच ईरान में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती की संभावना से इनकार नहीं किया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि जहां तक “बूट्स ऑन द ग्राउंड” का सवाल है, राष्ट्रपति ने इस बारे में बार-बार चर्चा की है। कमांडर इन चीफ के रूप में वे किसी भी विकल्प को समझदारी से खारिज नहीं करते। इसलिए, कैपिटल हिल पर किसी डेमोक्रेट द्वारा राष्ट्रपति की सोच के बारे में कही गई किसी भी बात की पुष्टि करना जल्दबाजी होगी।