
USCIRF Statement: यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) ने RSS पर प्रतिबंध लगाने और RSS प्रमुख मोहन भागवत का वीजा रद्द करने की मांग की थी। वहीं, अब USCIRF के अध्यक्ष आसिफ महमूद ने कहा है कि यदि अवसर मिले तो वे RSS प्रमुख मोहन भागवत के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं और यदि संघ की ओर से उचित आश्वासन मिलें तो वे अपना मन बदल भी सकते हैं।
इसके कुछ ही दिनों बाद, USCIRF के प्रमुख आसिफ महमूद ने एक बयान में कहा कि यदि बैठक की व्यवस्था हो सके तो वे मोहन भागवत के साथ बैठने और बात करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि RSS की तरफ से ऐसी कोई गारंटी या आश्वासन दिया जाता है, जो आयोग की चिंताओं को दूर करे, तो वे अपने फैसले या सोच पर पुनर्विचार कर सकते हैं। वहीं, भारत सरकार और विदेश मंत्रालय ने इस अमेरिकी आयोग के बयानों को पहले ही पक्षपाती और अविश्वसनीय बताकर खारिज कर दिया है।
हाल ही में यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) ने भारत में धार्मिक स्वतंत्रता का हवाला देते हुए RSS पर प्रतिबंध लगाने और मोहन भागवत का अमेरिकी वीजा रद्द करने की मांग की थी। USCIRF के एक बयान में कहा गया कि वह मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा को लेकर बहुत चिंतित है। RSS के सहयोगी संगठनों के सदस्यों पर ईसाइयों, दलितों, मुसलमानों और सिखों समेत धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसक हमले करने के आरोप लगाए। USCIRF ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली BJP सरकार पर RSS की हिंदुत्व विचारधारा से मेल खाती नीतियां लागू करने का आरोप लगाया और कहा कि भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति लगातार बिगड़ रही है।
RSS प्रमुख मोहन भागवत का 29 अगस्त को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वॉयर गार्डन में भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित करने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। यह RSS के शताब्दी वर्ष पर होने वाले वैश्विक पहुंच कार्यक्रम का हिस्सा है। USCIRF अमेरिकी सरकार का एक पैनल है, जो दुनिया भर में धार्मिक स्वतंत्रता पर नजर रखता है और नीतिगत सिफारिशें करता है। हालांकि, इसकी सिफारिशें सरकार के लिए बाध्यकारी नहीं होती हैं।