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उत्तराखंड BJP को मिली नई टीम, CM धामी बोले- राम माधव के अनुभव से संगठन को मिलेगा फायदा

भाजपा की ओर से राम माधव को उत्तराखंड का नया प्रभारी बनाए जाने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पार्टी के नए संगठनात्मक नेतृत्व का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि राम माधव समेत तीनों वरिष्ठ नेताओं के अनुभव का लाभ उत्तराखंड भाजपा को मिलेगा।
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Pushkar Singh Dhami
Pushkar Singh Dhami (Photo ANI)

Pushkar Singh Dhami : देहरादून। भाजपा की ओर से राम माधव को उत्तराखंड का नया प्रभारी बनाए जाने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पार्टी के नए संगठनात्मक नेतृत्व का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि राम माधव समेत तीनों वरिष्ठ नेताओं के अनुभव का लाभ उत्तराखंड भाजपा को मिलेगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भाजपा संगठन का हाल ही में पुनर्गठन हुआ है। पार्टी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिला है और उनके चयन से देशभर में कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल बना है। इसके बाद पार्टी पदाधिकारियों की नियुक्तियां हुईं और अब सभी राज्यों के लिए प्रभारी भी तय कर दिए गए हैं।

राम माधव के लंबे अनुभव का मिलेगा लाभ

धामी ने कहा कि हमारे लिए यह सौभाग्य की बात है कि हमें तीन वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं का मार्गदर्शन मिलेगा। उन्होंने कहा कि राम माधव लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में काम कर रहे हैं और उनका व्यापक अनुभव संगठन के लिए उपयोगी साबित होगा। उन्होंने अरविंद मेनन के अनुभव का भी उल्लेख किया। धामी के मुताबिक, मेनन ने छात्र जीवन से ही विद्यार्थी परिषद और युवा मोर्चा में काम किया और बाद में भाजपा के संगठन मंत्री सहित विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं। उनके संगठनात्मक अनुभव से भी प्रदेश भाजपा को लाभ मिलेगा।

बांसुरी स्वराज की भी सराहना

मुख्यमंत्री ने कहा कि बांसुरी स्वराज एक अच्छी वक्ता और कुशल संगठक हैं। उनकी दिवंगत मां का उत्तराखंड से गहरा जुड़ाव रहा है। धामी ने कहा कि बांसुरी स्वराज दिल्ली में रहने वाले उत्तराखंड के लोगों के साथ भी लगातार जुड़ी रही हैं। ऐसे में राजनीतिक और सामाजिक, दोनों क्षेत्रों में उनके अनुभव एवं संपर्क का लाभ प्रदेश को मिलेगा।

देहरादून तक सीमित नहीं रहेगी सरकार

चंपावत में प्रस्तावित कैबिनेट बैठक को लेकर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार का काम सिर्फ देहरादून तक सीमित नहीं रहना चाहिए। सरकार को राज्य के हर हिस्से तक पहुंचना चाहिए, चाहे वह सीमावर्ती क्षेत्र हो, जनजातीय इलाका, दूरदराज का क्षेत्र या फिर 'वाइब्रेंट विलेज'। उन्होंने बताया कि इसी सोच के तहत बनबसा में कैबिनेट बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही राज्य स्तरीय जनजातीय महोत्सव, जो पहले देहरादून में आयोजित होता था, अब इसी क्षेत्र में आयोजित किया जाएगा।

Updated on:
24 Sept 2026 11:26 am
Published on:
24 Sept 2026 10:54 am