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Uttarakhand: देवभूमि में कुदरत का कहर, नैनीताल में बादल फटा, दीवार गिरने से पांच की मौत, हरिद्वार में खतरे के निशान पर गंगा

Uttarakhand देवभूमि में दिखा कुदरत का कहर, नैनीताल जिले के रामगढ़ गांव में बादल फटा, मलबे में कई लोग दबे, चौखुटा गांव में बारिश के दौरान मजदूरों की झोपड़ी पर रिटेनिंग दीवार गिर गई। हादसे में पांच मजदूरों की मौत हो गई, बद्रीनाथ में फंसी कार से बीआरओ ने सवारों को सुरक्षित निकाला, हरिद्वार में खतरे के निशान पर पहुंची गंगा
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Updated: 19 Oct 2021, 11:50 AM IST
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नई दिल्ली। उत्तराखंड ( Uttarakhand ) के पहाड़ी इलाकों में बारिश कहर बनकर बरस रही है। मंगलवार सुबह नैनीताल ( Nainital ) जिले के धारी ब्लाक के चौखुटा गांव में बारिश के दौरान मजदूरों की झोपड़ी पर रिटेनिंग दीवार गिर गई। हादसे में पांच मजदूरों की मौत हो गई। भारी बारिश ( Heavy Rainfall ) के बाद नैनी झील में बाढ़ आ गई है, पानी ओवर फ्लो होकर सड़कों पर आ गया है। इमारतों और घरों में भी जलभराव देखा जा रहा है.क्षेत्र में लगातार भारी बारिश हो रही है।

नैनीताल जिले के रामगढ़ गांव में बादल फटने ( Cloud Burst ) की घटना सामने आई है। बादल फटने से कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची है। उधर, खैरना में झोपड़ी में पत्थर गिरने से दो लोगों की मौत की खबर है।

देवभूमि में कुदरत का कहर देखने को मिल रहा है। चमोली क्षेत्र में भारी बारिश के चलते नंदाकिनी नदी में बाढ़ आ गई है। नदी के जल स्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। गंगा के उफान से ऋषिकेश में तमाम घाट हुए जलमग्न हैं।

नैनीताल झील ओवरफ्लो होने के चलते नैनीताल की सड़कों पर पानी भर गया है। इमारतों और घरों में भी जलभराव देखा जा रहा है। क्षेत्र में लगातार भारी बारिश हो रही है।

बद्रीनाथ के लामबगड़ नाले में बाढ़ के पानी में कार बुरी तरह फंस गई। हालांकि समय रहते फंसी कार से BRO (सीमा सड़क संगठन) ने यात्रियों को बचा लिया। लिहाजा किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

उफान पर नदियां
भारी बारिश के बाद नदियां उफान पर हैं। कोसी नदी में पानी बढ़ने से रामनगर के गर्जिया मंदिर को खतरा पैदा हो गया। पानी मंदिर की सीढ़ियों तक पहुंच गया है। वहीं बैराज के सभी फाटक खोल दिए गए हैं।

हरिद्वार में खतरे के निशान पर गंगा
पहाड़ों की बारिश के बाद हरिद्वार में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। सुबह पानी के जलस्तर में बढोतरी हुई है। इसके बाद से प्रशासन अर्लट मोड पर है।

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