पशु कल्याण बोर्ड ने लोगों से 14 फरवरी को 'वैलेंनटाइन डे' के तौर पर सेलिब्रेट करने के बजाए 'काउ हग डे' की अपील की है। इसके साथ ही सरकारी बोर्ड ने कहा है कि समय के साथ पश्चिम संस्कृति की प्रगति के कारण वैदिक परंपराएं लगभग विलुप्त होने के कगार पर है।
पूरी दुनिया में फरवरी के महीने को प्रेम का महानी कहा जाता है। खासतौर पर 7 फरवरी से लेकर 14 फरवरी तक के दिन को वेलेंटाइन वीक के रूप में मनाया जा है। इस दौरान प्यार करने वाले कपल एक दूसरे से प्यार का इजहार करते हैं। इस हफ्ते के दौरान कपल 7 फरवरी को रोज डे, 8 फरवरी को प्रपोज डे, 9 फरवरी को चॉकलेट डे , 10 फरवरी को टैडी डे, 11 फरवरी को प्रॉमिस डे, 12 फरवरी को हग डे , 13 फरवरी को किस डे और 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे मनाते हैं। पश्चिमी संस्कृति में वेलेंटाइन वीक को प्यार जताने का अच्छा अवसर माना जाता है। हालांकि अब भारत में भी वेलेंटाइन वीक को मनाने का चलन बढ़ गया है, लेकिन इसका कई संगठनों के द्वारा विरोध किया जाता है।
इसी बीच पशु कल्याण बोर्ड ने नोटिस जारी करते हुए गाय प्रेमियों से अपील की है कि वे 14 फरवरी वेलेंटाइन डे मनाने के बजाए 'काउ हग डे' मनाए और गाय को गले लगाकर उनसे थोड़ा प्यार जताएं। सरकारी सलाहकार निकाय ने कहा कि गाय को गले लगाने से "भावनात्मक समृद्धि" आएगी और "व्यक्तिगत और सामूहिक खुशी" मिलेगी।
गाय को गले लगाकर जीवन को बनाए खुशहाल: पशु कल्याण बोर्ड
पशु कल्याण बोर्ड ने नोटिस जारी करते हुए कहा है कि "हम सभी जानते हैं कि गाय भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। हमारे जीवन को बनाए रखती है, पशु धन और जैव विविधता का प्रतिनिधित्व करती है। मां के समान पोषक प्रकृति के कारण इसे कामधेनु' और 'गौमाता' के नाम से जाना जाता है। समय के साथ पश्चिम संस्कृति की प्रगति के कारण वैदिक परंपराएं लगभग विलुप्त होने के कगार पर हैं। पाश्चात्य सभ्यता की चकाचौंध ने हमारी भौतिक संस्कृति और विरासत को लगभग भुला दिया है। गाय के अपार लाभ को देखते हुए गाय को गले लगाने से भावनात्मक समृद्धि आएगी और हमारे व्यक्तिगत और सामूहिक सुख में वृद्धि होगी। इसलिए सभी गौ प्रेमी भी गौ माता के महत्व को ध्यान में रखते हुए 14 फरवरी को 'काउ हग डे' के रूप में मनाएं और जीवन को खुशहाल और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर बनाएं।"
डेयरी विभाग जारी किया गया नोटिस
पशु कल्याण बोर्ड ने कहा है कि 14 फरवरी को 'वैलेंनटाइन डे' के रुप में मनाने के लिए मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के तहत पशुपालन और डेयरी विभाग के निर्देश पर नोटिस जारी किया गया है।