
Jammu Kashmir Lieutenant Governor: लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। वह जम्मू-कश्मीर के LG मनोज सिन्हा की गैरमौजूदगी के दौरान यह जिम्मेदारी संभालेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यह नियुक्ति सिन्हा के छुट्टी पर रहने की अवधि के लिए की है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, सक्सेना अपनी मौजूदा जिम्मेदारी के साथ जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के कामकाज को भी देखेंगे। मनोज सिन्हा 7 अगस्त 2020 से जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल हैं और फिलहाल आधिकारिक दौरे पर अमेरिका में हैं।
विनय कुमार सक्सेना 9 सितंबर को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट के नए चीफ जस्टिस जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी को पद की शपथ भी दिलाएंगे। शपथ ग्रहण समारोह सुबह 11 बजे श्रीनगर के कन्वेंशन सेंटर में होगा। श्रीनगर जम्मू-कश्मीर की गर्मियों की राजधानी है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 5 सितंबर को जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया था। वह फिलहाल राजस्थान हाई कोर्ट के जज हैं। उनकी नियुक्ति उस दिन से प्रभावी होगी, जिस दिन वह चीफ जस्टिस का पद संभालेंगे। जस्टिस भाटी जस्टिस संजीव कुमार की जगह लेंगे, जो 2 जून से हाई कोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस के तौर पर काम कर रहे हैं।
जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी के नाम की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 31 अगस्त को की थी। वह लंबे न्यायिक अनुभव वाले वरिष्ठ जज हैं और 16 नवंबर 2016 को राजस्थान हाई कोर्ट के जज के रूप में प्रमोट हुए थे। मनोज सिन्हा की गैरमौजूदगी में विनय कुमार सक्सेना जम्मू-कश्मीर के LG के कामकाज की जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि वह लद्दाख के उपराज्यपाल की अपनी मौजूदा जिम्मेदारी भी निभाते रहेंगे।
विनय कुमार सक्सेना का जन्म 23 मार्च 1958 को हुआ था। वह भारतीय व्यवसाय क्षेत्र से जुड़े रहे हैं और वर्ष 2026 से लद्दाख के चौथे उपराज्यपाल के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इससे पहले उन्होंने 2022 से 2026 तक दिल्ली के 22वें उपराज्यपाल के तौर पर काम किया। इससे पहले वर्ष 2015 से 2022 के बीच वह खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) के अध्यक्ष रहे। सक्सेना कुमारप्पा राष्ट्रीय हस्तनिर्मित कागज संस्थान के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं।