बिहार, हरियाणा और ओडिशा में आज राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान हुआ। वोटिंग के दौरान ओडिशा में BJD और BJP के विधायक आपस में भिड़ गए और उनके बीच जमकर हाथापाई हुई।
Rajya Sabha Elections in Bihar, Haryana and Odisha: बिहार, हरियाणा और ओडिशा की 11 राज्यसभा सीटों के लिए आज मतदान हुआ। इन तीनों राज्यों में कुल 14 उम्मीदवार मैदान में थे, जबकि अन्य सीटों पर निर्विरोध उम्मीदवार चुने गए। सभी राज्यों में मतदान के बाद काउंटिंग जारी है। काउंटिंग के बाद आज शाम तक रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा। तीन राज्यों में हुए राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग भी हुई है।
ओडिशा और बिहार में कांग्रेस विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर वोट किया। ओडिशा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने स्वीकार किया कि कांग्रेस के 3 विधायक दाशरथी गमांग, सोफिया फिरदोस और रमेश जेना ने पार्टी निर्देश के खिलाफ क्रॉस-वोटिंग की। कुछ रिपोर्ट्स में BJD के भी कुछ विधायकों के क्रॉस-वोटिंग की बात कही गई है।
ओडिशा में राज्यसभा चुनाव की वोटिंग के दौरान BJD और भाजपा के विधायक भिड़ गए। इस दौरान दोनों पक्षों के विधायकों में हाथापाई हुई। इसके बाद दोनों पार्टियों के नेताओं ने अपने-अपने विधायकों को समझा कर मामला शांत कराया। विधायकों के बीच हुई हाथापाई का विडियो सामने आया है।
बिहार में राज्यसभा चुनाव की वोटिंग में NDA के सभी 202 विधायकों ने वोट डाला, जबकि महागठबंधन की ओर से केवल 37 विधायकों ने मतदान में भाग लिया। कांग्रेस के 3 और RJD का एक विधायक वोटिंग में अनुपस्थित रहा। ऐसे में कांग्रेस और RJD को क्रॉस वोटिंग का संदेश है। बिहार की 5 सीटों पर NDA मजबूत स्थिति में दिख रहा है। इसी तरह हरियाणा में 90 विधायकों में से 88 ने वोट डाला। इंडियन नेशनल लोक दल (INLD) के दोनों विधायक—अर्जुन चौटाला और आदित्य देवीलाल—मतदान से दूर रहे। यहां 2 सीटों पर मुकाबला था। क्रॉस-वोटिंग और अनुपस्थिति ने विपक्षी गठबंधनों को झटका दिया है।
हरियाणा, बिहार और ओडिशा में राज्यसभा की कुल 11 सीटों के लिए आज यानि कि 16 मार्च 2026 को मतदान संपन्न हुआ। इन राज्यों में संख्याबल और क्रॉस-वोटिंग की आशंकाओं ने मुकाबले को रोचक बना दिया। हरियाणा में कुल 90 विधायकों वाली विधानसभा से 2 सीटों के लिए 3 उम्मीदवार मैदान में हैं और जीत के लिए 31 वोट चाहिए। यहां बीजेपी के 48 विधायकों के साथ संजय भाटिया की जीत तय मानी जा रही है। बीजेपी के अलावा 17 वोट निर्दलीय सतीश नांदल को मिल सकते हैं। यदि 3 निर्दलीय और INLD के 2 विधायक भी समर्थन दें तो संख्या 22 हो जाती है तो जीत से 9 वोट कम रहेंगे।
कांग्रेस के 37 विधायक एकजुट रहे तो कर्मवीर बौद्ध को 31 से अधिक वोट मिल सकते हैं। इसी तरह बिहार की 243 सीटों वाली विधानसभा में 5 सीटों पर 6 उम्मीदवार थे। NDA के सभी 202 विधायकों ने वोट डाले, जिससे 4 सीटें आसानी से NDA को मिल गईं हैं। महागठबंधन के पास 35 विधायक हैं, लेकिन कांग्रेस के 3 और RJD के एक विधायक गायब रहा। ओडिशा की 147 सीटों वाली विधानसभा में 4 सीटों के लिए 5 उम्मीदवार थे। एक सीट पर जीत के लिए 30 विधायकों का समर्थन चाहिए। BJP के दो प्रत्याशी मनमोहन सामल और सुजीत कुमार की जीत तय है। BJD के पास 48 वोट हैं और उनके 2 उम्मीदवार संत्रुप्त मिश्रा और दत्तेश्वर मैदान में हैं। संत्रुप्त मिश्रा और दत्तेश्वर की जीत तय मानी जा रही है। यहां चौथी सीट पर पेंच फंसा है। BJP ने दिलीप राय को समर्थन दिया है। कांग्रेस के 14 और माकपा का एक विधायक दत्तेश्वर के साथ है।