
Bengal MLAs ADR Report
West Bengal Mlas ADR Report: एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और वेस्ट बंगाल इलेक्शन वॉच की नई रिपोर्ट ने पश्चिम बंगाल विधानसभा के विधायकों की 'काली कुंडली' खोल दी है। वर्तमान विधानसभा (2021 चुनाव के बाद बनी) के 291 विधायकों (294 में से 3 सीटें खाली) के हलफनामों के विश्लेषण में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, करीब आधे विधायक आपराधिक मामलों से घिरे हैं, जबकि आधे से ज्यादा करोड़पति हैं। यह खुलासा 2026 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच राजनीतिक बहस छेड़ रहा है।
रिपोर्ट के प्रमुख आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं। कुल 136 विधायक (47%) ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। इनमें से 109 विधायक (37%) गंभीर आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे हैं। खास बात यह है कि 8 विधायकों ने हत्या से संबंधित मामले, 29 ने हत्या के प्रयास के मामले और 22 ने महिलाओं के खिलाफ अपराध (जिसमें एक बलात्कार का मामला शामिल) घोषित किए हैं। यह स्थिति लोकतंत्र की पारदर्शिता और साफ-सुथरी राजनीति पर सवाल उठाती है।
वित्तीय पक्ष और भी हैरान करने वाला है। 152 विधायक (52%) करोड़पति हैं। सभी विधायकों की कुल घोषित संपत्ति 821.50 करोड़ रुपये है, जबकि प्रति विधायक औसत संपत्ति 2.82 करोड़ रुपये पहुंच गई है। सबसे अमीर विधायकों में जंगीपुर से जाकिर हुसैन (लगभग 67 करोड़ रुपये), कस्बा से अहमद जावेद खान (32 करोड़ रुपये से अधिक) और जोरासांको से विवेक गुप्ता (31 करोड़ रुपये से अधिक) शामिल हैं।
पार्टी-वार ब्रेकडाउन में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 223 विधायकों में से 92 (41%) पर आपराधिक मामले हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 64 विधायकों में से 42 (66%) दागी हैं। TMC सत्तारूढ़ होने के बावजूद आपराधिक छवि में BJP से पीछे नहीं है।
शिक्षा और लिंग अनुपात के मामले में भी रिपोर्ट बताती है कि 182 विधायक (63%) स्नातक या उससे ऊपर शिक्षित हैं, जबकि 104 (36%) कक्षा 8 से 12 तक पढ़े हैं। विधायकों में महिलाओं की संख्या मात्र 45 (15%) है, जबकि पुरुष 246 हैं। ADR की यह रिपोर्ट 2021 विधानसभा चुनाव और उसके बाद के उपचुनावों के हलफनामों पर आधारित है, लेकिन 2026 चुनाव से ठीक पहले जारी होने से राजनीतिक दलों पर दबाव बढ़ा है।
Updated on:
16 Mar 2026 09:15 pm
Published on:
16 Mar 2026 09:14 pm
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