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भारत-बांग्लादेश सीमा से अब घुसपैठ नहीं आसान, शुभेन्दु सरकार ने BSF को सौंपी 1024 एकड़ से ज्यादा जमीन

India-Bangladesh Border: पश्चिम बंगाल सरकार ने सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए BSF को 172.609 किलोमीटर के दायरे में फैली 1024.75 एकड़ ज़मीन सौंपी है।
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Jul 14, 2026
India-Bangladesh Border Security
BSF जवान (फोटो -ANI)

India-Bangladesh Border Security: पश्चिम बंगाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अवैध घुसपैठ और तस्करी की गतिविधियों को रोकने के लिए शुभेन्दु सरकार ने 10 जुलाई 2026 तक बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) को कुल 1,024.75 एकड़ जमीन आधिकारिक तौर पर सौंप दी है। राज्य प्रशासन द्वारा सौंपी गई यह जमीन सीमा के 172.60 किलोमीटर से ज्यादा हिस्से में फैली है। इस जमीन का इस्तेमाल मुख्य रूप से कंटीले तारों की बाड़ लगाने, नई बॉर्डर आउटपोस्ट (BOPs) बनाने और सुरक्षा बलों की ऑपरेशनल तैयारी को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा।

स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट से होगी निगरानी

एंटी-ड्रोन सिस्टम, अत्याधुनिक रडार, हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरे और रियल-टाइम अर्ली वार्निंग नेटवर्क से लैस 'स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट' के जरिए, भारत दुनिया का सबसे एडवांस्ड और टेक्नोलॉजी-युक्त बॉर्डर सिक्योरिटी सिस्टम विकसित कर रहा है। पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमा पर इसे तैनात करने की योजना है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पूर्व में प्रोजेक्ट को लेकर राज्यों से जानकारी शेयर कर चुके हैं। स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट से सिर्फ सीमाओं को सुरक्षित करने की बात नहीं है, बल्कि यह नए भारत की रणनीतिक ताकत, तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता का एक सशक्त प्रतीक है।

9 संवेदनशील जिलों में सौंपी जमीन

बांग्लादेश सीमा पर कंटीले तारों की बाड़ लगाने के लिए BSF को सौंपी गई 1,024.75 एकड़ जमीन से सीमा पर 172.6 किलोमीटर का संवेदनशील क्षेत्र सुरक्षित हो सकेगा। बंगाल सरकार ने BSF को यह जमीन मुर्शिदाबाद, जलपाईगुड़ी, कूच बिहार, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर, मालदा, दार्जिलिंग, नदिया और उत्तर 24 परगना सहित 9 संवेदनशील जिलों में सौंपी है।

घुसपैठ के खिलाफ रणनीति

बंगाल सरकार ने 'पहचान करो, नाम हटाओ और वापस भेजो' (Detect, Delete and Deport) की नीति लागू की है। इसके तहत राज्य में होल्डिंग सेंटर भी बनाए गए हैं। मालूम हो पश्चिम बंगाल की सीमा बांग्लादेश के साथ 2,217 किलोमीटर तक लगती है। इसमें से लगभग 1,600 किलोमीटर पर पहले ही बाड़ लगाई जा चुकी है और शेष रहे हिस्सों को तेजी से सुरक्षित किया जा रहा है।

Updated on:
14 Jul 2026 04:08 pm
Published on:
14 Jul 2026 02:51 pm