
Bengal Bypoll: पश्चिम बंगाल की दो विधानसभा सीट नंदीग्राम और रेजीनगर पर उपचुनाव होने है। इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के नाम और चिन्ह को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं हो पाया है। इसको लेकर चुनाव आयोग की ओर से नोटिस भी जारी हो गया है। जिसके बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग की ओर से जारी दोनों पत्रों में कुछ भी असामान्य नहीं है। उन्होंने बताया कि आयोग ने बुधवार को सुनवाई के लिए समय दिया था, जिसमें पार्टी के प्रतिनिधियों ने पूर्ण पीठ के सामने अपना पक्ष रखा और आयोग की ओर से पूछे गए सवालों के जवाब दिए।
उन्होंने कहा कि पार्टी ने सुनवाई के दौरान कुछ दस्तावेजों की हार्ड कॉपी भी जमा की है। चुनाव आयोग ने कहा है कि यदि कोई अंतिम दस्तावेज या जानकारी प्रस्तुत करनी है तो उसे 16 तारीख को दोपहर 3 बजे तक जमा किया जा सकता है।
ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि इसके बाद आयोग दस्तावेजों की जांच करेगा और जरूरत पड़ने पर 17 तारीख को दोबारा सुनवाई के लिए बुला सकता है।
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी और पार्टी को भेजे गए चुनाव आयोग के पत्रों की सामग्री मूल रूप से समान है। उनके अनुसार यह चुनाव आयोग की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और पार्टी को उम्मीद है कि आयोग जल्द अपना फैसला सुनाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि किसी पार्टी को चुनाव चिन्ह या लोगो किसे मिलेगा, इसका फैसला कोई नेता या राजनीतिक दल नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि न तो आप और न ही मैं यह तय कर सकते हैं कि लोगो किसे मिलेगा। यह फैसला केवल चुनाव आयोग ही कर सकता है।
वहीं, राज्य मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने TMC के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर चल रही चुनाव आयोग की सुनवाई पर कहा कि सरकार को इस मामले को लेकर न तो चिंता है और न ही इसमें कोई विशेष रुचि है।
उन्होंने कहा कि पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने वर्षों तक कड़ी मेहनत करके सरकार बनाई है। अब सरकार की प्राथमिकता मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य के लोगों के विकास पर है।
अग्निमित्रा पॉल ने मीडिया से अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं कोई गैरकानूनी गतिविधि दिखाई देती है तो उसकी जानकारी सरकार को दी जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ऐसी शिकायतों पर सरकार आवश्यक कार्रवाई करेगी।