west bengal new chief secretary 2026: पश्चिम बंगाल में मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल अब राज्य के नए चीफ सेक्रेटरी बनाए गए। जानिए उनकी पूरी प्रोफाइल, टीएमसी के आरोप और नई सरकार के फैसले की डिटेल।
पश्चिम बंगाल में सियासी तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। भाजपा की नई सरकार बनते ही प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल हो रहा है। बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल राज्य के चीफ सेक्रेटरी के रूप में नियुक्त किया गया है।
राज्य सरकार के इस फैसले से विपक्ष खेमे में नाराजगी बढ़ सकती है। अग्रवाल ने चुनाव के दौरान जो तरीका अपनाया, उसकी तारीफ और आलोचना दोनों हुई थी। लेकिन नई सरकार इसे इनाम के तौर पर देख रही है।
पहले बात करते हैं उस हिस्से की जो सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। विधानसभा चुनाव के दौरान महिला वोटरों की लिस्ट और सुरक्षा को लेकर खास ध्यान दिया गया। कुछ इलाकों में शिकायतें आईं कि महिलाओं के नाम गायब हो रहे हैं या उनके वोट प्रभावित हो सकते हैं।
टीएमसी ने तो मनोज अग्रवाल पर पक्षपात का आरोप लगाकर चुनाव आयोग में शिकायत तक कर दी। लेकिन सूत्र बताते हैं कि नई सरकार को अग्रवाल का निष्पक्ष रवैया पसंद आया।
उन्होंने एसआईआर जैसी मुश्किल प्रक्रिया को संभाला और चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से कराए। कई अधिकारियों के मुताबिक, यही वजह है कि उन्हें टॉप पोस्ट दी जा रही है।
मनोज कुमार अग्रवाल 1990 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। आईआईटी कानपुर से पढ़े हुए। करीब 36 साल की सेवा में उन्होंने जिला मजिस्ट्रेट से लेकर अतिरिक्त मुख्य सचिव तक कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं।
बताया जा रहा है कि 31 जुलाई को उनकी रिटायरमेंट है। इसलिए शुरुआत में उन्हें दो-ढाई महीने के लिए चीफ सेक्रेटरी बनाया जाएगा। बाद में जरूरत पड़ी तो बढ़ाया भी जा सकता है।
अभी चीफ सेक्रेटरी दुष्यंत नरियाला हैं। कल ही मनोज अग्रवाल से उनकी मुलाकात हुई, जिसके बाद यह अटकलें तेज हो गईं। नई सरकार साफ तौर पर पुराने सिस्टम को बदलना चाहती है। साथ ही एसआरओ सुब्रत गुप्ता को मुख्यमंत्री का सलाहकार बनाया गया है।
प्रशासनिक गलियारों में कहा जा रहा है कि अग्रवाल का चयन योग्यता के आधार पर हुआ है। यह नियुक्ति सिर्फ एक अधिकारी की तरक्की नहीं है।
यह बंगाल के नए राजनीतिक दौर की झलक है। जहां चुनाव आयोग और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठे, वहां अब वही अधिकारी टॉप पर आ रहे हैं।
आम लोगों की नजर में देखें तो उम्मीद है कि नया चीफ सेक्रेटरी रोजमर्रा की समस्याओं- सड़क, बिजली, पानी और स्वास्थ्य पर ध्यान देगा। साथ ही सरकारी कामकाज में देरी और भ्रष्टाचार कम होगा।