
Uniform Civil Code in West Bengal: पश्चिम बंगाल में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राज्य सरकार के मंत्री शंकर घोष (Sankar Ghosh) ने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड (Uniform Civil Code) राज्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण विधेयकों में से एक है और इसे विधानसभा में पेश करने का फैसला लिया गया है।
मंत्री शंकर घोष ने कहा कि यूसीसी पश्चिम बंगाल में लागू किया जाना एक ऐतिहासिक कदम होगा। राज्य सरकार ने सोमवार को इस विधेयक को पेश करने का निर्णय लिया है। उत्तराखंड जैसे राज्य पहले ही यूसीसी कानून लागू कर चुके हैं, जबकि बिहार समेत कुछ अन्य राज्यों में भी इस दिशा में पहल की जा चुकी है।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य में सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक कानून लागू करने की दिशा में आगे बढ़ना है। उनका मानना है कि यह विधेयक सामाजिक और कानूनी व्यवस्था को नई दिशा देने का काम करेगा।
यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) का मतलब देश के सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और संपत्ति जैसे नागरिक मामलों में एक समान कानून लागू करना है। वर्तमान में अलग-अलग धर्मों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानून लागू हैं।
उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन चुका है जिसने यूनिफॉर्म सिविल कोड (Uniform Civil Code) को लागू किया है। अब यदि पश्चिम बंगाल सरकार इस दिशा में आगे बढ़ती है, तो यह राज्य की राजनीति और कानून व्यवस्था के लिहाज से एक महत्वपूर्ण फैसला माना जाएगा।
अगर यह विधेयक विधानसभा से पारित होकर कानून का रूप लेता है, तो पश्चिम बंगाल समान नागरिक संहिता (UCC) की दिशा में कदम बढ़ाने वाला चौथा भाजपा (Bharatiya Janta Party) शासित राज्य बन जाएगा। इससे पहले फरवरी 2024 में उत्तराखंड यूसीसी कानून लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना था। इसके बाद 2025 में गुजरात और असम की भाजपा सरकारों ने भी अपनी-अपनी विधानसभाओं में यूसीसी से जुड़े प्रावधानों वाले विधेयक पेश किए।