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West Bengal SIR: बंगाल SIR पर ट्रिब्यूनल जजों की चिंता, EC पोर्टल में नोटिस से लेकर आदेश तक कई अड़चनें

Election Commission India: जिस डिजिटल व्यवस्था के जरिए लाखों मतदाताओं को अपना पक्ष रखने का रास्ता मिलना था, उसी में कई अहम सुविधाओं की कमी सामने आई है। 38 लाख से ज्यादा अपीलों के बीच उठी ये आपत्तियां अब चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और समयबद्ध सुनवाई पर नई बहस छेड़ रही हैं।
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West Bengal SIR
West Bengal SIR : बंगाल SIR पर ट्रिब्यूनल जजों की चिंता, EC पोर्टल में नोटिस से लेकर आदेश तक कई अड़चनें (फोटो सोर्स: ANI)

Bengal Voter List: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विवाद को सुलझाने के लिए बनाई गई अपीलीय व्यवस्था अब खुद तकनीकी अड़चनों के सवालों में घिर गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित ट्रिब्यूनलों के कई न्यायिक अधिकारियों ने चुनाव आयोग के पोर्टल की ऐसी कमियां दर्ज कराई हैं, जिनका सीधा असर अपील की सुनवाई और मतदाताओं को राहत देने की प्रक्रिया पर पड़ सकता है। नोटिस से लेकर आदेश की कॉपी और हटे नाम बहाल करने तक कई जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने की शिकायत सामने आई है।

West Bengal SIR: डिजिटल व्यवस्था और पोर्टल की मुख्य कमियां

पश्चिम बंगाल में Special Intensive Revision (SIR) के बाद मतदाता सूची से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए बनाए गए अपीलीय ट्रिब्यूनलों ने चुनाव आयोग की डिजिटल व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं दर्ज कराई हैं। The Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक, 11 अगस्त की बैठक में एक दर्जन से अधिक ट्रिब्यूनल जजों ने पोर्टल की कार्यप्रणाली से जुड़ी कई कमियां सामने रखीं।

जजों के मुताबिक, पोर्टल में पार्टियों को आधिकारिक नोटिस भेजने की समुचित सुविधा नहीं है। यही नहीं, जरूरत पड़ने पर मतदाताओं से अतिरिक्त दस्तावेज मंगाने, ऑनलाइन सुनवाई करने और किसी न्यायिक आदेश के बाद पहले हटाए गए मतदाता का नाम दोबारा बहाल करने की व्यवस्था भी उपलब्ध नहीं बताई गई।

एक और महत्वपूर्ण समस्या आदेश की प्रति से जुड़ी है। ट्रिब्यूनल के फैसले के बाद संबंधित व्यक्ति पोर्टल से प्रमाणित या डाउनलोड करने योग्य आदेश हासिल नहीं कर पा रहा है। ऐसे में उसे यह जानने में मुश्किल हो सकती है कि उसका नाम सूची में शामिल या बाहर करने का आधार क्या रहा।

भौतिक रूप से जमा अपीलों और रिकॉर्ड प्रबंधन पर असर

जजों ने उन अपीलों को लेकर भी चिंता जताई, जो ऑनलाइन के बजाय जिलाधिकारी, एसडीएम या अन्य संबंधित कार्यालयों में भौतिक रूप से जमा की गई थीं। उनके अनुसार, इन मामलों को डिजिटल सिस्टम में सही तरीके से दर्ज नहीं किए जाने पर रिकॉर्ड प्रबंधन प्रभावित हो सकता है और संबंधित नागरिक की अपील पर कार्रवाई में परेशानी आ सकती है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बीच उठे सवाल

यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने SIR से जुड़े मामलों में अपीलीय प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए ट्रिब्यूनलों की व्यवस्था का निर्देश दिया था। मार्च 2026 में 19 सिंगल-मेम्बर अपीलीय ट्रिब्यूनल अधिसूचित किए गए थे। इससे पहले न्यायिक अधिकारियों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे पोर्टल को लेकर भी अदालत के समक्ष तकनीकी दिक्कतों की बात सामने आई थी।

SIR के दौरान करीब 60.06 लाख मतदाताओं के मामलों को न्यायिक अधिकारियों के समक्ष रखा गया। इनमें से 27.16 लाख नाम हटाए गए। बाद में हटाए गए मतदाताओं सहित अन्य पक्षों को अपील का अवसर दिया गया।

38 लाख से ज्यादा अपील, निपटारे की रफ्तार पर भी नजर

18 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दी गई जानकारी के अनुसार, कुल 38.31 लाख अपीलें दाखिल हुई थीं। इनमें 22.21 लाख अपीलें उन मतदाताओं की थीं जिनके नाम हटाए गए थे, जबकि 16.10 लाख अपीलें मतदाता सूची में किसी नाम को शामिल किए जाने के खिलाफ थीं। 10 सितंबर तक केवल करीब 1.26 लाख अपीलों के निपटारे की जानकारी दी गई थी।

इससे साफ है कि तकनीकी व्यवस्था की छोटी दिखने वाली खामियां लाखों मामलों के लिए बड़ी प्रशासनिक चुनौती बन सकती हैं। मई में भी एक ट्रिब्यूनल जज ने कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर नोटिस जारी करने की व्यवस्था की कमी की ओर ध्यान दिलाया था।

The Indian Express ने 1 अक्टूबर को चुनाव आयोग और कलकत्ता हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से इन शिकायतों पर प्रतिक्रिया मांगी थी, लेकिन रिपोर्ट प्रकाशित होने तक कोई जवाब नहीं मिला था।

यह विवाद केवल एक पोर्टल की तकनीकी समस्या तक सीमित नहीं है। मामला उन नागरिकों के अधिकार से जुड़ा है, जिन्हें मतदाता सूची से बाहर किए जाने के बाद अपना पक्ष रखने और फैसले की वजह जानने का अवसर मिलना है। इसी वजह से अब ट्रिब्यूनलों की डिजिटल व्यवस्था को दुरुस्त करना अपीलीय प्रक्रिया की गति और विश्वसनीयता—दोनों के लिए अहम माना जा रहा है।

Updated on:
06 Oct 2026 08:15 am
Published on:
06 Oct 2026 07:43 am