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निर्वाचन आयोग का बड़ा फैसला: पश्चिम बंगाल में SIR सुनवाई से इन वर्गों को मिलेगी छूट, वोटर लिस्ट में रहेगा नाम

निर्वाचन आयोग ने कहा कि बीएलओ की ओर से उक्त वर्ग के मतदाताओं को सुनवाई के लिए जबरन बुलाया जाता है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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Jan 03, 2026
SIR (photo source- Patrika)
SIR (photo source- Patrika)

भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर सुनवाई में विशेष वर्गों को राहत देने के निर्देश दिए हैं। इसमें संन्यासियों, यौनकर्मियों, आदिवासी समुदाय, वृद्ध, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को सुनवाई से छूट दी गई है।

भारत निर्वाचन आयोग के मुताबिक संन्यासी, यौनकर्मी और आदिवासी समुदाय के व्यक्ति एसआईआर के दौरान सुनवाई में उपस्थित नहीं हो पाते हैं, तो भी उनके नाम मतदाता सूची से नहीं हटाए जाएंगे, बशर्ते उनके नाम पूर्ववर्ती सूची में दर्ज हों। वहीं 85 वर्ष से अधिक आयु के नागरिक, गर्भवती महिलाएं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को भी सुनवाई के लिए बुलाना अनिवार्य नहीं है।

दस्तावेजों का होगा सत्यापन

आयोग ने कहा कि बीएलओ की ओर से उक्त वर्ग के मतदाताओं को सुनवाई के लिए जबरन बुलाया जाता है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि सुनवाई में प्रस्तुत दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा, ताकि फर्जीवाड़े को रोका जा सके।

Updated on:
03 Jan 2026 06:01 am
Published on:
03 Jan 2026 06:00 am
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