
पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव है। इस बीच, प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है। 14 फरवरी, 2025 को चुनाव आयोग बंगाल में नई मतदाता जारी करेगा।
उधर, एसआईआर को लेकर सीएम ममता बनर्जी का दावा है कि नई मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर लोगों के नाम काटे जाएंगे। इस बीच, ममता ने एक ऐसा भी बयान दे दिया है, जिसको लेकर भाजपा ने कड़ा पलटवार किया है।
ममता बनर्जी ने बंगाल की महिलाओं को एसआईआर के खिलाफ आगे आने की अपील की है। साथ ही उन्होंने पुरुषों को इस पर पीछे से सपोर्ट करने का अनुरोध किया है।
नादिया के कृष्णानगर में एक सभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा महिलाओं के अधिकार छीनना और उन्हें डराना चाहती है। सीएम ने महिलाओं से यह भी कहा कि वे (महिला) दिखा दें कि वह भाजपा से ज्यादा ताकतवर हैं।
ममता ने कहा- चुनाव के दौरान, भाजपा महिलाओं को डराने के लिए सेंट्रल फोर्स का इस्तेमाल करना चाहती है। अगर आपके (महिला) नाम हटा दिए जाएं तो क्या आपमें लड़ने की ताकत है? महिलाओं को एसआईआर पर लड़ाई लीड करनी चाहिए और पुरुषों को पीछे से लड़ना चाहिए।
ममता ने महिलाओं को उकसाते हुए कहा कि मैं देखना चाहती हूं कि हमारी महिलाएं ज्यादा ताकतवर हैं या भाजपा। वहीं, भाजपा पर डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट पर दबाव डालने का आरोप लगाते हुए सीएम ने कहा कि अगर वोटर लिस्ट से जानबूझकर नाम हटाए गए तो वह धरना देंगी।
ममता के इस बयान पर पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता और भारतीय जनता पार्टी के विधायक सुवेंदु अधिकारी ने प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने प्रदेश से बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठियों को हटाने की मांग की है। साथ ही यह भी कहा कि घुसपैठियों के लिए पश्चिम बंगाल में डिटेंशन कैंप बनाने की कोई जरूरत नहीं है।
एसआईआर पर ममता बनर्जी के बयान पर रिएक्ट करते हुए अधिकारी ने आगे कहा कि इस राज्य में एक भी बांग्लादेशी मुस्लिम नहीं रहेगा और पश्चिम बंगाल में सिर्फ भारतीय रहेंगे, चाहे हिंदू हों या मुस्लिम।
अधिकारी ने कहा- बंगाल में डिटेंशन कैंप की कोई जरूरत नहीं है। हम बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठियों को बाहर निकाल देंगे। केवल भारतीय यहां रहेगा, चाहे हिंदू हो या मुस्लिम, लेकिन यहां एक भी बांग्लादेशी मुस्लिम नहीं रहेगा।