
Cyber fraud (Representational Photo)
दुनियाभर में साइबर ठगी (Cyber Fraud) तेज़ी से बढ़ रही है, जो चिंता का विषय हैं। साइबर ठग दुनिया के किसी भी कोने से कहीं भी भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसा सकते हैं। जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी विकसित हो रही है, साइबर ठगी के तरीके भी बढ़ रहे हैं। साइबर ठगी के सबसे ज़्यादा मामले अमेरिका (United States Of America) में देखने को मिलते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि अमेरिका के बाद कौनसा देश साइबर ठगों के निशाने पर रहता है? आइए नज़र डालते हैं।
अमेरिका के बाद भारत (India) दूसरा देश है जो साइबर ठगों के निशाने पर रहता है। मेटा (Meta) की एडवर्सरियल थ्रेट रिपोर्ट से हाल ही में इस बात का खुलासा हुआ है। पिछले कुछ सालों में भारत में साइबर ठगी के मामले बढ़े हैं।
डिजिटल क्रांति के साथ भारत में साइबर अपराध एक बड़ा खतरा बन गया है। साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट, हैकिंग जैसी घटनाओं के मामले में भारत दुनिया का दूसरा ऐसा देश है जिसे सबसे ज्यादा निशाना बनाया जा रहा है, जो चिंता का विषय है। साइबर सुरक्षा एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत में सस्ता डेटा, स्मार्टफोन की पहुंच और डिजिटल साक्षरता की कमी ने इंटरनेशनल स्कैम सिंडिकेट्स के लिए रास्ता आसान कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार मेटा ने साल 2025 में धोखाधड़ी के चलते 1.09 करोड़ फेसबुक (Facebook) और इंस्टाग्राम (Instagram) अकाउंट और 6 लाख पेज हटाए हैं।
रिपोर्ट में सबसे ज़्यादा चिंता डिजिटल अरेस्ट को लेकर जताई गई है। इसमें अपराधी पुलिस या जांच एजेंसी का फर्जी अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करते हैं और लोगों को डरा-धमकाकर पैसे वसूलते हैं। इसके अलावा अब जेनरेटिव एआई का इस्तेमाल करके 'डीपफेक' वीडियो और नकली प्रोफाइल बनाए जा रहे हैं, जिन्हें पहचानना आम यूज़र के लिए नामुमकिन होता जा रहा है। भारत में होने वाले साइबर अपराधों के तार म्यांमार (Myanmar), कंबोडिया (Cambodia) और लाओस (Laos) जैसे दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों से जुड़े हैं। अंतरराष्ट्रीय सीमाएं होने के कारण भारतीय जांच एजेंसियों के लिए इन अपराधियों को पकडऩा बड़ी चुनौती है।
Updated on:
18 Mar 2026 06:37 am
Published on:
18 Mar 2026 06:36 am
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