जम्मू कश्मीर में एक मुस्लिम पत्रकार का घर तोड़ दिया गया। अराफाज़ अहमद डिंग का घर तोड़े जाने पर सियासत भी शुरू हो गई है। जानिए क्या कह रहे हैं जम्मू-कश्मीर के डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी...
जम्मू विकास प्राधिकरण (JDA) ने कुछ दिन पहले अतिक्रमण विरोधी अभियान में एक मुस्लिम पत्रकार अराफाज़ अहमद डिंग का मकान गिरा दिया। यह मामला सियासी तूल भी पकड़ चुका है। इस मामले में जम्मू-कश्मीर के डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी (Deputy CM Surinder Chaudhary) का बयान भी आया है। चौधरी ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सक्सेना से अपील की है कि जम्मू के नरवाल इलाके में जम्मू डेवलपमेंट अथॉरिटी (JDA) द्वारा पत्रकार अरफाज डिंग के पिता का घर गिराए जाने की जांच का आदेश दें।
सुरिंदर चौधरी ने कहा कि निर्माण को जमींदोज करने में मदद करने वाली पुलिस LG के अधीन हैं। JDA के वाइस चेयरमैन को LG के आदेश पर नियुक्त किया गया। अगर यह डिमोलिशन उनके आदेश पर नहीं हुआ तो क्या इन अधिकारियों ने उपराज्यपाल या मुख्यमंत्री के निर्देश के बिना ही यह कदम उठाए। सुरिंदर चौधरी ने कहा कि हमारी सरकार ने इसका आदेश नहीं दिया था। उन्होंने जांच जारी रहने तक अतिक्रमण हटाने वाले अधिकारियों को निलंबित करने की मांग की।
सुरिंदर चौधरी ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रविंदर रैना के दावे का जिक्र करते हुए कहा कि रैना ने दावा किया था कि उपराज्यपाल ने घर गिराने के आदेश नहीं दिए थे। अगर रैना सच कह रहे हैं तो उनका कॉल रिकॉर्ड डेटा निकाला जाना चाहिए। उन्होंने JDA वाइस-चेयरमैन से यह भी पूछा कि गिराने का ऑर्डर किसने दिया, और कहा कि इस काम के लिए जिम्मेदार अफसरों की जवाबदेही पक्की की जाएगी, क्योंकि यह काम मुख्यमंत्री की मंजूरी के बिना किया गया था।
JDA ने गुरुवार को ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में अतिक्रमण हटाने की मुहिम के दौरान गुलाम कादिर डिंग का एक मंजिला घर गिरा दिया। इलाके के लोगों ने दावा किया कि वे पिछले चार दशकों से वहां रह रहे थे और उन्हें पहले से कोई नोटिस नहीं दिया गया था।
सुरिंदर ने कहा कि हम अपनी ताकत जानते हैं क्योंकि हमें लोगों ने चुना है। CM ने JDA से केस की डिटेल्स मांगी हैं। चौधरी ने कहा कि वह मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के कहने पर लोगों व खासकर जम्मू शहर के लोगों को यह बताने आए हैं कि हमारी सरकार कभी भी घटिया या बदले की भावना वाली चालें नहीं अपनाएगी।
उन्होंने कहा कि हम ‘जियो और दूसरों को जीने दो’ के सिद्धांत में विश्वास करते हैं। हम संविधान में विश्वास करते हैं। उन्होंने पूछा कि अगर आप सच बोलने पर डेमोक्रेसी के चौथे पिलर को दबाते हैं, तो सच कौन बोलेगा,” और कहा कि अगर कोई सोचता है कि वे J&K को ज़ुल्म और दबाव से चला सकते हैं, तो यह ज़्यादा दिन नहीं चलेगा।