
हरियाणा की दो राज्य सभा सीटों के लिए 16 मार्च को होगी वोटिंग (Photo-IANS)
Haryana Rajya Sabha election: हरियाणा की 2 राज्य सभा सीटों के लिए 16 मार्च को वोटिंग होगी। दो सीटों के लिए तीन प्रत्याशी मैदान में हैं। कांग्रेस ने कर्मवीर बौद्ध को प्रत्याशी बनाया है, जबकि बीजेपी ने संजय भाटिया को उम्मीदवार घोषित किया है। वहीं बीजेपी समर्थित सतीश नांदल भी चुनावी मैदान में है। दरअसल, एक सीट पर बीजेपी की जीत निश्चित मानी जा रही है, लेकिन दूसरी सीट के लिए बीजेपी ने सतीश नांदल को समर्थन देकर मुकाबला रोमांचक बना दिया है।
राज्य सभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपनी रणनीति में बदलाव कर दिया है। दरअसल, पार्टी अपने विधायकों को हिमाचल प्रदेश शिफ्ट करने वाली थी, लेकिन अब यह तीन दिन के लिए टाल दी गई है। विधायकों को हिमाचल शिफ्ट किया जाएगा या नहीं, इसको लेकर शुक्रवार को डिनर पार्टी का भी आयोजन किया गया है। इस पार्टी में शिफ्टिंग को लेकर फैसला लिया जाएगा।
राज्य सभा चुनाव से पहले कांग्रेस मुख्यालय में विधायक दल की बैठक हुई। इस बैठक में 5 विधायक गायब रहे, जिसमें जुलाना से विधायक विनेश फोगाट और रणदीप सुरजेवाला के बेटे आदित्य भी शामिल नहीं हुए। इसके बाद पार्टी आलाकमान एक बार फिर चिंतित नजर आ रहा है।
हरियाणा की राज्य सभा की दो सीटों के लिए हो रहे चुनाव कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के लिए नाक की लड़ाई बने हुए हैं। बीजेपी समर्थित सतीश नांदल हुड्डा के सामने तीन बार चुनाव लड़ चुके हैं और तीनों बार उनको हार का सामना करना पड़ा। इसलिए एक बार फिर भूपेंद्र हुड्डा सतीश नांदल को हराने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि समीकरण में कांग्रेस की जीत निश्चित मानी जा रही है, लेकिन पार्टी को क्रॉस वोटिंग का डर सता रहा है।
हरियाणा की दो में से एक पर बीजेपी के संजय भाटिया की जीत निश्चित है। पार्टी के पास 48 विधायक हैं। वहीं दूसरी सीट के लिए कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशी के बीच मुकाबला है। कांग्रेस के पास 37 वोट हैं। कांग्रेस की भी जीत की संभावनाएं जताई जा रही हैं, लेकिन क्रॉस वोटिंग का डर भी सता रहा है।
हरियाणा में राज्य सभा की सीटों के लिए जब भी चुनाव होते हैं, कांग्रेस की धड़कनें तेज हो जाती हैं। दरअसल, राज्य सभा चुनाव में पार्टी का क्रॉस वोटिंग का ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। इससे पहले 2022 में राज्य सभा के चुनाव में कांग्रेस ने अजय माकन को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन अजय माकन को हार का सामना करना पड़ा। उस समय पार्टी के विधायक कुलदीप बिश्नोई ने क्रॉस वोटिंग की थी, और किरण चौधरी पर अमान्य वोट डालने का भी पार्टी ने आरोप लगाया था। उस समय पार्टी ने विधायकों को छत्तीसगढ़ भेजा था।
इससे पहले 2016 में भी राज्यसभा चुनाव के दौरान स्याही कांड हुआ था। उस समय अलग-अलग स्याही से चिन्हित 12 वोटों को अमान्य घोषित कर दिया गया था, जिसकी वजह से कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार आर.के. आनंद चुनाव हार गए थे।
Published on:
13 Mar 2026 10:39 am
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