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कौन है रंजीत सिंह, जिन्हें आतंकियों ने किया किडनैप, CM अब्दुल्ला ने बचाने के लिए सरकार से लगाई गुहार

नाइजर में आंतकियों के हमले में दो अन्य भारतीयों की मौत हो गई, जबकि रंजीत सिंह को अगवा कर लिया।
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Updated: 20 Jul 2025, 6:19 PM IST
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रंजीत सिंह के लिए CM अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार से लगाई गुहार (Photo-IANS)

पश्चिम अफ्रीकी देश नाइजर में एक भारतीय नागरिक रंजीत सिंह का आतंकियों ने अपहरण कर लिया। रंजीत सिंह को आंतकियों ने डोसो क्षेत्र से किडनैप किया है। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार से रंजीत सिंह की सुरक्षित रिहाई के लिए तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। इसके अलावा रंजीत सिंह के परिवार ने भी उसे वापस लाने के लिए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग की है।

कौन है रंजीत सिंह

रणजीत सिंह जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले के रहने वाला हैं। वह नाइजर में एक बिजली वितरण कंपनी ट्रांसरेल लाइटिंग लिमिटेड में वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। रंजीत सिंह के तीन बच्चे है। 

आतंकवादी हमले में दो भारतीयों की हुई मौत

बता दें कि नाइजर में आंतकियों के हमले में दो अन्य भारतीयों की मौत हो गई, जबकि रंजीत सिंह को अगवा कर लिया। रंजीत के परिवार ने मामले में कहा कि उन्हें रणजीत की स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं है, और वे केंद्र सरकार से उनकी रिहाई के लिए हरसंभव प्रयास करने की अपील कर रहे हैं।

15 जुलाई को हुई थी आखिरी बार बात

रंजीत सिंह की पत्नी ने शनिवार को कहा था कि उसकी पति से आखिरी बार 15 जुलाई को व्हाट्सएप्प के जरिए बातचीत हुई थी। इसके बाद उनसे कोई संपर्क भी नहीं हुआ। वहीं शीला ने आगे बताया कि उन्होंने कंपनी को भी कॉल किया था और शुरुआत में कहा गया है कि कार्यस्थल पर नेटवर्क नहीं है। 

दोस्त से मिली अपहरण की जानकारी

मामले में रंजीत की पत्नी ने आगे कहा कि पति के अपहरण की जानकारी उनके दोस्त से मिली थी। शीला ने कहा कि चार दिन बीत गए है और पति को छुड़ाने के लिए अब तक कोई प्रयास नहीं किया गया है।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अपील

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने केंद्र सरकार से रणजीत सिंह की रिहाई के लिए त्वरित कार्रवाई की मांग की है। अब्दुल्ला ने कहा यह एक दुखद और चिंताजनक घटना है। रंजीत सिंह हमारे राज्य का एक मेहनती नागरिक हैं, जिन्हें विदेश में ऐसी त्रासदी का सामना करना पड़ा। केंद्र सरकार को उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठाने चाहिए।

Updated on:
20 Jul 2025, 6:19 PM IST
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