Mamata Banerjee Reaction: मैं अब बीजेपी के अत्याचारों को और बर्दाश्त नहीं करूंगी और सड़कों पर लौटूंगी। उनका कहना है कि वह सीएम पद से इस्तीफा नहीं देंगी।
TMC Defeat West Bengal: विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को सीएम पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह हारे नहीं हैं बल्कि भाजपा द्वारा चुनाव आयोग से मिलकर हराया गया है। भाजपा ने हमारी जीत चुरा ली है इसलिए सीएम पद से इस्तीफा देने या लोकभवन से समय मांगन का सवाल ही नहीं उठता। मैं अब बीजेपी के अत्याचारों को और बर्दाश्त नहीं करूंगी और सड़कों पर लौटूंगी। यहां प्रेसवार्ता में ममता ने कहा कि उनकी लड़ाई भाजपा से नहीं बल्कि चुनाव आयोग से थी। उन्होंने जीवन में ऐसा चुनाव और भयावह उत्पीड़न नहीं देखा। एसआइआर से 90 लाख नाम हटा दिए गए। जब हम कोर्ट गए तो 32 लाख लोग वापस जोड़े गए फिर भी लाखों लोग वंचित रह गए। ममता ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने सीधे चुनाव में दखल दिया और बीजेपी ने हर तरह का हथकंडा अपनाकर उन्हें हराया है। उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकर्ताओं से मारपीट की और मतगणना से निकाल दिया गया। उन्होंने पार्टी की 10 सदस्यीय समिति बनाई है जो पूरे मामले की तहकीकात करेगी। ममता ने कहा कि विपक्षी इंडिया गठबंधन चुनाव आयोग व भाजपा की धांधली पर उनके साथ है। सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, हेमंत सोरेन और तेजस्वी यादव ने उन्हें फोन कर समर्थन जताया है। वह इंडिया गठबंधन को मजबूत करेंगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि चुनाव हारने के बाद ममता बनर्जी के इस्तीफा देने या न देने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। विधानसभा का कार्यकाल छह मई को समाप्त हो रहा है। उसके बाद राज्यपाल विधानसभा भंग कर सकते हैं और नई सरकार का गठन किया जा सकता है जिसके पास विधानसभा चुनाव में चुने विधायकों के बहुमत का समर्थन है। लोकसभा के पूर्व महासचिव पीडीटी आचारी ने कहा कि चुनाव में बहुमत खोने और विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने पर पद पर बने रहना संभव नहीं है। राज्यपाल उन्हें बर्खास्त भी कर सकते हैं। संविधान के अनुच्छेद 164 के तहत मुख्यमंत्री राज्यपाल की कृपा पर ही सरकार में रह सकते हैं, कृपा से तात्पर्य व्यक्तिगत नहीं बल्कि संवैधानिक प्रावधानों के तहत विधानसभा का अस्तित्व व उसमें बहुमत से है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की हार पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि टीएमसी की हार पर जश्न मनाना सही नहीं है। उन्होंने अपने ही दल के कुछ नेताओं और अन्य विपक्षी दलों को सलाह दी कि वे 'छोटी राजनीति' से ऊपर उठें और बड़े मुद्दों पर ध्यान दें। गांधी ने कहा, 'यह किसी एक पार्टी की बात नहीं है, यह भारत की बात है।'
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इन चुनावों में जनादेश की 'चोरी' हुई है और इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में 100 से अधिक सीटों पर गड़बड़ी हुई है और इस संबंध में उन्होंने ममता बनर्जी के आरोपों का समर्थन भी किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करती हैं और विपक्ष को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होना चाहिए।