पीएम मोदी संग कैबिनेट मंत्रियों की बैठक में एमएम नरवणे किताब पर चर्चा हुई। इसमें उच्च पदों पर काबिज अधिकारियों के लिए कूलिंग ऑफ पीरियड पर बातचीत हुई।
संसद के बजट सत्र के पहले चरण में विपक्ष ने मोदी सरकार को कई मुद्दों पर घेरा। इनमें सबसे अधिक चर्चा पूर्व सेनाध्यक्ष एमएम नरवणे की किताब फोर स्टार डेस्टनी रही। इसमें भारत-चीन सैन्य झड़प को लेकर लिखी बातों को कोट करते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। अब मोदी सरकार का मानना है कि रिटायरमेंट के बाद उन लोगों के लिए कूलिंग ऑफ पीरियड होना चाहिए, जो किताब लिखने से पहले किसी उच्च पद पर काबिज रहे हों।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को पीएम मोदी संग कैबिनेट मंत्रियों की बैठक हुई। इस बैठक में नरवणे की किताब को लेकर चर्चा भी हुई। इस दौरान कई मंत्रियों का मानना था कि उच्च पदों पर काबिज लोगों के लिए कूलिंग ऑफ पीरियड होना चाहिए। ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि उच्च पदों पर काबिज लोगों के रिटायरमेंट के बाद मेमॉयर प्रकाशित करने के लिए 20 साल का कूलिंग ऑफ पीरियड का आदेश जल्द लाया जा सकता है। हालांकि, यह मुद्दा कैबिनेट के ऑफिशियल 27 प्वाइंट एजेंडे में शामिल नहीं था, बल्कि PM मोदी संग चर्चा के दौरान सामने आया।
मनोज मुकुंद नरवणे साल 2020 में भारतीय सेनाध्यक्ष थे। 31 अगस्त 2020 को लद्दाख के पैंगोंग त्यो झील के किनारे कैलाश रेंज पर चीनी सेना की गतिविधि बढ़ गई। दोनों देशों की सेनाओं के बीच तनाव चरम पर था। इस दौरान पीएम मोदी ने सेनाध्यक्ष से कहा कि जो उचित समझो वह करो। इसके साथ ही, किताब में मोदी सरकार की अग्निवीर स्कीम को लेकर बात कही गई। विपक्ष ने इस मुद्दे पर भी मोदी सरकार को घेरा।
पूर्व जनरल नरवणे की किताब जनवरी 2024 में पब्लिश होनी थी। प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया ने दिसंबर 2023 में इसका एक हिस्सा छापा भी था। उस समय नवरणे ने ट्वीट किया था कि उनकी किताब अब उपलब्ध है, लेकिन अग्निवीर योजना वाले हिस्से के कारण बवाल मचने के बाद डिफेंस मिनिस्ट्री ने नरवणे और पब्लिशर को लिखा कि किताब को पब्लिश करने से पहले आर्मी को क्लियरेंस के लिए सबमिट करें। इसके बाद से अब तक उनकी किताब को क्लियरेंस नहीं मिली है।
राहुल गांधी द्वारा किताब के हिस्सों को कोट किए जाने के बाद पब्लिशर पेंगुइन ने कहा कि किताब की कोई भी कॉपी जो अभी सर्कुलेशन में है, चाहे वह पूरी हो या कुछ, चाहे प्रिंट, डिजिटल, PDF, या किसी और फॉर्मेट में, ऑनलाइन या ऑफलाइन, किसी भी प्लेटफॉर्म पर, PRHI के कॉपीराइट का उल्लंघन है और इसे तुरंत बंद कर देना चाहिए। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया किताब के गैर-कानूनी और बिना इजाजत के फैलाव के खिलाफ कानून में मौजूद उपायों का इस्तेमाल करेगा। वहीं लेखक नरवणे ने भी इसी बात का जिक्र किया।
कैबिनेट की बैठक के दौरान जेफ्ररी एपस्टीन के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। इसमें मंत्रियों ने कहा कि केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर अपनी राय स्पष्ट तौर पर रखनी चाहिए। साथ ही, विपक्ष के लगातार आरोपों का जवाब नहीं चाहिए। दरअसल, एस्पस्टीन मामले में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम सामने आया। इस पर विपक्ष ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला, लेकिन मंत्री ने विपक्ष के आरोपों को खारिज कर दिया। एपस्टीन को लेकर केंद्रीय मंत्री पुरी ने कहा कि उनकी मीटिंग इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट के एक ऑफिशियल डेलीगेशन का हिस्सा थीं। वह एपस्टीन के प्राइवेट आइलैंड, लिटिल सेंट जेम्स नहीं गए थे।