Arvind Kejriwal - Rekha Gupta: अरविंद केजरीवाल ने खुद कहा था कि अगर बीजेपी सत्ता में आई, तो उन्हें दोबारा जेल भेजा जा सकता है।
दिल्ली का सियासी पारा फागुन में अपने पूरे शबाब पर पहुंच सकता है, क्योंकि रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार ने विधानसभा के पहले सत्र में बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। सरकार ने वादा किया है कि वह 14 लंबित सीएजी (कॉम्पट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल) रिपोर्ट्स को विधानसभा में पेश करेगी, जो पिछले AAP शासन के दौरान कथित भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर कर सकती हैं। ये रिपोर्ट्स 25 फरवरी को एलजी के अभिभाषण के बाद पेश होने की संभावना है। इसके साथ ही, रेखा गुप्ता सरकार ने घोषणा की है कि इन रिपोर्ट्स के सार्वजनिक होने के बाद एक विशेष जांच टीम (SIT) बनाई जाएगी, जिसका मकसद AAP सरकार के तहत हुए सभी कथित घोटालों की गहराई से जांच करना है।
इन सीएजी रिपोर्ट्स में कई बड़े मुद्दे शामिल हैं, जैसे "शीशमहल केस"—जिसमें अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक आवास पर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप है—और "शराब घोटाला", जिसमें शराब नीति में अनियमितताओं की बात कही गई है। ये दोनों मामले पहले से ही केंद्रीय जांच एजेंसियों जैसे ED और CBI के रडार पर हैं। SIT के गठन से इन जांचों में तेजी आ सकती है और नए सबूत सामने आ सकते हैं। बीजेपी का कहना है कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ "जीरो टॉलरेंस" की नीति पर चल रही है, और दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
यह सवाल दिल्ली की सियासत में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। चुनाव प्रचार के दौरान केजरीवाल ने खुद कहा था कि अगर बीजेपी सत्ता में आई, तो उन्हें दोबारा जेल भेजा जा सकता है। उनकी यह आशंका उस वक्त और गहरी हो गई होगी, जब बीजेपी ने 70 सदस्यों वाली विधानसभा में 48 सीटें जीतकर शानदार वापसी की। दूसरी ओर, रेखा गुप्ता ने मुख्यमंत्री बनने के बाद कहा है कि उनकी सरकार किसी "बदले की कार्रवाई" में नहीं उलझेगी। उनका दावा है कि जांच सिर्फ सच सामने लाने के लिए होगी, न कि व्यक्तिगत दुश्मनी के लिए। लेकिन अगर SIT को ठोस सबूत मिलते हैं—खासकर शीशमहल केस में फंड दुरुपयोग या शराब घोटाले में नीतिगत गड़बड़ियों के—तो केजरीवाल और AAP के दूसरे नेताओं के लिए कानूनी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
बीजेपी का कहना है कि AAP ने पिछले 10 साल में दिल्ली को भ्रष्टाचार के दलदल में धकेल दिया, जबकि AAP इसे सियासी बदला करार दे रही है। "शीशमहल केस" में आरोप है कि केजरीवाल ने अपने सरकारी आवास को आलीशान बनाने के लिए नियमों को ताक पर रखकर करोड़ों रुपये खर्च किए। वहीं, "शराब घोटाला" में दावा है कि शराब नीति के तहत लाइसेंस देने में भारी अनियमितताएं हुईं, जिससे कुछ लोगों को फायदा पहुंचाया गया। इन सबके बीच, रेखा गुप्ता ने साफ किया है कि उनकी सरकार का फोकस दिल्ली के विकास पर होगा, न कि अनावश्यक विवादों पर।