केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) से बिहार की एक महिला की किस्मत बदल गई है। शेखपुरा की महिलाएं इस योजना का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं और हर महीने अच्छी कमाई कर रही हैं। आप भी इस योजना से बंपर आमदनी कर सकते हैं।
केंद्र सरकार की योजना से बिहार में एक महिला किस्मत चमक गई है। अब हर महीने वह मोटी कमाई करने में सक्षम है। आप भी केंद्र सरकार की उस योजना का लाभ उठाकर हर महीने बंपर कमाई कर सकते हैं। दरअसल, मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) की शुरुआत की थी। इसी योजना का लाभ उठाकर बिहार में शेखपुरा की महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं।
राजमणि देवी, जो मूल रूप से शेखपुरा में कमानी गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का फायदा उठाया है। राजमणि देवी ने बताया कि पीएमएमएसवाई के बारे में जानकारी मिलने के बाद उन्होंने इस योजना के लिए आवेदन किया था। इस योजना से उन्हें काफी मदद मिली, इस योजना का लाभ उठाकर वह अब आत्मनिर्भर बन गई हैं।
वह एक बीघा में फैले तालाब में मछली पालन करके अपनी आजीविका चला रही हैं। उन्होंने बताया कि वह बिहार के बाहर अन्य राज्यों में भी मछलियां भेजती हैं।
राजमणि देवी ने बताया कि उनके पति का साल 1988 में निधन हो गया था, जिसके बाद उन्होंने किसी तरह अपने बच्चों का पालन-पोषण किया। इस दौरान उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ा।
वहीँ, एक अन्य लाभार्थी ने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना बेरोजगार लोगों के लिए एक बेहतरीन कल्याणकारी योजना है। अगर इस योजना के लाभार्थी कड़ी मेहनत करें, तो वे अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं और बेहतर जीवन जी सकते हैं।
लाभार्थियों ने बताया कि पहले खाली जमीन पर पैदावार अच्छी नहीं होती थी। ऐसे में, उस जमीन पर तालाब बनाया गया है। अब महिलाएं उसमें मछली पालन करके अच्छी कमाई कर रही हैं। इस योजना के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है।
दूसरी ओर, शेखपुरा में जिला मत्स्य अधिकारी आशीष कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) से जुड़कर जिले में 100 से अधिक किसानों को रोजगार मिल रहा है। इस योजना से मछली पालन को बढ़ावा मिला है। इस योजना के माध्यम से लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है।
बता दें की पीएमएमएसवाई सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वित्त वर्ष 2020-21 से वित्त वर्ष 2024-25 तक पांच वर्षों की अवधि के लिए लागू की गई है।