
Women Workforce: भारत में महिलाओं की वर्कफोर्स में भागीदारी बढ़ रही है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की ओर से जारी देश के पहले जिला-स्तरीय रोजगार आंकड़ों के मुताबिक, भारत के 57.8% जिलों में महिलाओं की श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) 40% या उससे अधिक दर्ज की गई है। ये आंकड़े शुक्रवार को जारी किए गए। 100 जिलों के सर्वे में गुजरात का सूरत जिला श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) और वर्कर पॉपुलेशन रेशियो (WPR), दोनों में सबसे आगे रहा। वहीं बिहार का दरभंगा इन रोजगार संकेतकों में सबसे निचले स्तर पर रहा।
जिला-स्तर के आंकड़ों के अनुसार, 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र की आबादी के लिए LFPR सूरत में सबसे ज्यादा 68.6% रहा। इसके बाद बिहार का अररिया 68% और तमिलनाडु का सेलम 67.8% रहा। LFPR किसी आबादी में काम करने वाले या काम की तलाश करने वाले लोगों की हिस्सेदारी को दर्शाता है। वहीं वर्कर पॉपुलेशन रेशियो (WPR) में भी सूरत 67.8% के साथ पहले स्थान पर रहा। बिहार का अररिया 67.4% के साथ दूसरे और गुजरात का बनासकांठा 66.6% के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना और बिहार के अररिया में बेरोजगारी दर 0.9% रही। गुजरात के अहमदाबाद में यह आंकड़ा 1.1% दर्ज किया गया। इससे पता चलता है कि सर्वे में शामिल जिलों के बीच रोजगार से जुड़े संकेतकों में काफी अंतर है।
NSO के जिला-स्तरीय आंकड़ों में 15 से 29 साल के युवाओं के NEET (न रोजगार, न शिक्षा और न ट्रेनिंग) से जुड़े आंकड़े भी शामिल किए गए हैं। केरल के एर्नाकुलम में NEET दर 9.6%, तमिलनाडु के कोयंबटूर में 14.5% और कर्नाटक के बेंगलुरु अर्बन में 15% दर्ज की गई। आंकड़ों में जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में भी युवाओं के NEET अनुपात का आंकड़ा 14.3% दर्ज किया गया, जबकि आंध्र प्रदेश के गुंटूर में यह 15.1% रहा।
राजधानी जिलों की तुलना में 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र की आबादी के लिए हिमाचल प्रदेश का शिमला LFPR और WPR दोनों में सबसे आगे रहा। यहां LFPR 70% और WPR 65.1% दर्ज किया गया। इसके बाद केरल का तिरुवनंतपुरम 64.4% LFPR और 63.2% WPR के साथ दूसरे स्थान पर रहा। छत्तीसगढ़ के रायपुर में LFPR 61.5% और WPR 59.4% रहा।
राजधानी जिलों में 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र की आबादी के लिए बेरोजगारी दर के मामले में केरल का तिरुवनंतपुरम और पश्चिम बंगाल का कोलकाता 1.9% के साथ सबसे नीचे रहे। कर्नाटक के बेंगलुरु अर्बन में बेरोजगारी दर 2.5% दर्ज की गई। पहली बार जारी किए गए ये जिला-स्तरीय आंकड़े सिर्फ राष्ट्रीय रोजगार और LFPR की तस्वीर नहीं दिखाते, बल्कि अलग-अलग जिलों में बेरोजगारी और युवाओं के NEET स्तर जैसे स्थानीय संकेतकों को भी सामने रखते हैं।