दिव्यांगों को लिए एक बड़ी खुशखबरी है, जो दिव्यांग अपने पैरों पर नहीं चल सकते हैं, उन्हें पहले शासन की योजना के तहत ट्राईसाइकिल मिलती थी, लेकिन अब उन्हें मोटराइज्ड ट्राईसिकल मिलेगी, जिससे उन्हें हाथ से चलाने की झंझट से मुक्ति भी मिलेगी।
नीमच. दिव्यांगों को लिए एक बड़ी खुशखबरी है, जो दिव्यांग अपने पैरों पर नहीं चल सकते हैं, उन्हें पहले शासन की योजना के तहत ट्राईसाइकिल मिलती थी, लेकिन अब उन्हें मोटराइज्ड ट्राईसिकल मिलेगी, जिससे उन्हें हाथ से चलाने की झंझट से मुक्ति भी मिलेगी।
प्रदेशभर के दिव्यांगजनों के लिए यह अच्छी खबर है कि उन्हें अब जल्द ही हाथ से चलने वाली ट्राईसाइकिल के स्थान पर मोटराइज्ड ट्राईसिकल मिलेगी। नीमच में करीब साढ़े 7 हजार दिव्यांगजन है। जिनके लिए राहत की खबर है।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण संचालनालय ने सभी जिलों के कलेक्टरों को इस संबंध में कार्रवाई 30 मई तक पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए सर्वे का काम तेजी से करने को कहा गया है, ताकि पात्र लोगों को मोटराइज्ड ट्राईसिकल उपलब्ध करवाई जा सके। भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम इन्हें प्रदेश सरकार को मुहैया करवाएगा। विभाग के अफसरों के अनुसार ऐसे दिव्यांगजन जो गाइडलाइन के अनुसार पात्रता में आते हैं, लेकिन उन्हें एलिम्को से मोटराइज्ड ट्राईसिकल प्राप्त नहीं हो रही है, उन्हें सीएसआर निधि से यह मुहैया करवाई जाएगी। मई तक यह काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, प्रदेशभर के दिव्यांगजनों का डाटा स्पर्श पोर्टल पर दर्ज होगा, ताकि उनका डाटा कलेक्ट किया जा सके और अगले दो महीनों में शिविर लगाकर सहायक उपकरण वितरित किए जा सकें। जो उपकरण एलिम्को से प्राप्त नहीं हो रहे हैं, उन्हें जैम पोर्टल के माध्यम से खरीदकर मुहैया करवाया जाएगा।
पोर्टल पर दर्ज होगा दिव्यांगों का डाटा
जिले के दिव्यांगजनों को एलिम्को की गाइडलाइन के अनुसार मोटराइज्ड ट्राईसिकल मुहैया करवाई जाएगी। अगले दो महीनों में यह काम पूरा कर लिया जाएगा। दिव्यांगजनों का डाटा भी पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा।
- मयंक अग्रवाल, जिला कलेक्टर नीमच।