
Neemuch Lady Don Fraud Case: राजस्थान और मध्य प्रदेश की सीमा को पार कर ठगी के एक ऐसे सनसनीखेज 'कॉकटेल' का खुलासा हुआ है, जिसने पुलिस महकमे से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हड़कंप मचा दिया है। मध्यप्रदेश के नीमच जिले (मनासा थाना) में तैनात एक शातिर हेड कांस्टेबल राघवेंद्र सिंह और जोधपुर की कुख्यात हिस्ट्रीशीटर 'सुमता डॉन' उर्फ सुनिता बिश्नोई ने मिलकर चित्तौड़गढ़ के एक बड़े कारोबारी को 2.45 करोड़ रुपये का ऐसा चूना लगाया कि सुनने वालों के होश उड़ गए। जोधपुर के बोरानाड़ा थाने में इस महाठगी को लेकर आईपीसी की जगह अब लागू नई न्याय संहिता BNS 2023 की गंभीर धाराओं (316(2), 318(4), 61(2) आदि) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
शिकायतकर्ता पर्वत सिंह राजपुरोहित (निवासी: बीकानेर मिष्ठान भंडार, निंबाहेड़ा, चित्तौड़गढ़) ने पुलिस को दी अपनी रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पर्वत सिंह ने बताया कि नीमच का हेड कांस्टेबल राघवेंद्र सिंह उसका पुराना परिचित था। राघवेंद्र ने पहले तो उसे प्रॉपर्टी में निवेश के नाम पर बरगलाया, फिर फरवरी 2025 में एक तगड़ा जाल बुना।
हेड कांस्टेबल राघवेंद्र ने कारोबारी से कहा- सरकार बदल गई है, अब धड़ाधड़ तबादले होने हैं। मेरी जान-पहचान जोधपुर की सुनिता बिश्नोई से है, जिसकी पहुंच दिल्ली-जयपुर में ऊपर तक है। हमारे मिलने वाले अफसर को चित्तौड़गढ़ का एसपी और 'सांवरिया सेठ मंदिर' का अध्यक्ष बनवाना है। अगर आप इस ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए 'आर्थिक मदद' (रिश्वत) करेंगे, तो अफसर के आते ही क्षेत्र में आपका दबदबा हो जाएगा और सांवरिया सेठ मंदिर में लड्डू प्रसादी का करोड़ों का ठेका भी आपको मिल जाएगा।
प्रलोभन में आकर पर्वत सिंह हेड कांस्टेबल राघवेंद्र के साथ अपनी टाटा हैरियर कार से जोधपुर के पार्श्वनाथ सिटी पहुंचा। वहां उनकी मुलाकात सुनिता बिश्नोई और उसके दो बेटों (मनीष व विनोद) से हुई। रसूख दिखाने के लिए सुनिता बिश्नोई ने बकायदा कार में लाउडस्पीकर ऑन करके 'हाईकोर्ट जज' और 'दिल्ली की एक महिला ज्योतिषी' से बात करने का नाटक रचा। उसने दावा किया कि वह 'लाइजिनिंग' (तबादलों का खेल) का काम करती है।
झांसे में आकर पीड़ित ने मार्च और अप्रैल 2025 के बीच किस्तों में 1.05 करोड़ रुपये कैश सुनिता के बेटों को सौंप दिए। यह ठगी यहीं नहीं रुकी, अप्रैल 2025 में हेड कांस्टेबल राघवेंद्र सिंह कुछ और लोगों (ईश्वर, हेमंत और प्रकाश) को लेकर पीड़ित की दुकान पर पहुंचा। उन्होंने बताया कि निंबाहेड़ा थाने में दर्ज 65 किलोग्राम अफीम की तस्करी (NDPS Act) के एक मामले में उनके रिश्तेदार अर्जुन पाटीदार का नाम आ गया है, उसकी हाईकोर्ट से जमानत करानी है। जब सुनिता बिश्नोई से बात की गई तो उसने कहा- हाईकोर्ट से जमानत पक्की करवा दूंगी, लेकिन 1.50 करोड़ रुपये लगेंगे। इसके बाद पीड़ित ने बिचौलिया बनकर पाटीदार परिवार से 1.40 करोड़ रुपये कैश लेकर जोधपुर में सुनिता के बेटों को थमा दिए। सुरक्षा के तौर पर पीड़ित ने अपने खुद के 5 ब्लैंक चेक पाटीदार परिवार को दे दिए।
कुछ समय बीतने के बाद जब न तो चित्तौड़गढ़ में मनचाहा एसपी आया और न ही अफीम तस्कर अर्जुन की जमानत हुई, तब खेल बिगड़ गया। अर्जुन की जमानत न होने पर पाटीदार परिवार ने पीड़ित पर्वत सिंह के दिए चेक बैंक में लगा दिए, जो बाउंस हो गए। पीड़ित के पैरों तले जमीन खिसक गई। जब पीड़ित ने दबाव बनाया, तो सुनिता बिश्नोई ने अगस्त 2025 में 30 लाख रुपये कैश वापस किए (जिसे पीड़ित ने पाटीदार परिवार को लौटाया)। बाकी के 1.45 करोड़ रुपये के बदले सुनिता ने पार्श्वनाथ सिटी का एक प्लॉट (C-45) पाटीदार परिवार के नाम ट्रांसफर कर दिया, जिसकी कीमत 80 लाख रुपये आंकी गई। बाद में ये प्लॉट विवादित निकला और इस प्लॉट को लेकर सुनिता बिश्नोई के खिलाफ पहले ही 2023 में बोरनाड़ा थाने में फर्जीवाड़े का केस दर्ज हो चुका था।
जब पीड़ित पर्वत सिंह ने पूरी तरह ठगे जाने के बाद सुनिता बिश्नोई से अपने बाकी पैसे मांगे और फर्जी प्लॉट देने पर आपत्ति जताई, तो आरोपी महिला अपने असली रंग में आ गई। उसने व्हाट्सएप पर पीड़ित को सीधे जान से मारने की धमकी दी और कहा- अब पैसा मांगा तो जान ले लूंगी… मेरा नाम सुमता डॉन है' बाद में पीड़ित को पता चला कि सुनिता कोई रसूखदार महिला नहीं, बल्कि पुलिस रिकॉर्ड की 'हिस्ट्रीशीटर डॉन' है।
पीड़ित पर्वत सिंह राजपुरोहित की शिकायत पर बोरानाड़ा थाना पुलिस (जोधपुर पश्चिम) ने मामला दर्ज कर लिया है। अनुसंधान अधिकारी (IO) चमनाराम उपनिरीक्षक को जांच सौंपी गई है। पीड़ित ने पुलिस को हेड कांस्टेबल राघवेंद्र (मो. 9981180017) और सुनिता बिश्नोई (मो. 9783888829) के साथ हुई सारी व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड सौंप दिए हैं। पुलिस अब इस हाई-प्रोफाइल रैकेट के कड़े जोड़ने और एमपी पुलिस के हेड कांस्टेबल की गिरफ्तारी की तैयारी में जुट गई है।