MP News: नीमच के ज्ञानोदय हॉस्पिटल में पहली बार बैट्री से चलने वाली ICD डिवाइस का सफल प्रत्यारोपण कर 65 वर्षीय हार्ट पेशेंट की जान बचाई गई है।
heart patient saved by miracle: मध्य प्रदेश के नीमच जिले के ज्ञानोदय मल्टीस्पेश्यलिटी हॉस्पिटल चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। पहली बार बैट्री से चलने वाली डिवाइस का सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण किया गया है। यह ऑपरेशन 65 वर्षीय हृदय रोगी पर किया गया जिन्हें पहले हार्ट अटैक आ चुका था और जिनके हृदय में पहले ही दो स्टेंट लगाए जा चुके थे।
हाल ही में मरीज को वेंट्रिकुलर टैकीकार्डिया नामक गंभीर स्थिति हुई थी। जिसमें हृदय की धड़कन असामान्य रूप से 200 प्रति मिनट से अधिक हो गई थी। जिससे वे अचानक बेहोश हो गए। तत्काल चिकित्सा सहायता के अंतर्गत उन्हें इमरजेंसी डिपार्टमेंट द्वारा शॉक देकर स्थिर किया गया और जीवन रक्षक दवाइयां दी।
तीन दिन तक वेंटिलेटर पर रखने के बाद स्थिति सामान्य होने पर डॉ (मेजर) अजीत प्रताप सिंह (कार्डियोलॉजिस्ट) द्वारा आईसीडी डिवाइस लगाने का निर्णय लिया। यह डिवाइस छाती पर त्वचा के नीचे प्रत्यारोपित की जाती है और इससे जुड़ी लीड को हृदय के दाहिने हिस्से में जोड़ा जाता है। यह एक विशेष मेडिकल डिवाइस है जो इसमें लगी बैटरी द्वारा चलता है, यह डिवाइस स्वत: ही लगातार हृदय की गति व धड़कन को मॉनिटर करता रहता है।
जब भी हृदय की धड़कन असामान्य रूप से बढ़ती है, यह डिवाइस (battery-operated ICD device) स्वत: शॉक देकर उसे नियंत्रित करता है, जिससे मरीज को समय पर जीवनरक्षक उपचार मिल जाता है। यह प्रोसीजर कैथ लेब में डॉ (मेजर) अजीत प्रताप सिंह व उनकी केथ लैब विशेषज्ञ टीम द्वारा 2 घण्टे में गया।
इस डिवाइस की कार्यक्षमता लगभग 8 वर्षों तक बनी रहती है और यह मरीज को भविष्य में आने वाले घातक हृदय दौरे से बचा सकता है। ज्ञानोदय मल्टीस्पेश्यलिटी हॉस्पिटल नीमच में इस तरह की चिकित्सा प्रणाली से पहली बार किसी मरीज़ का सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया 7 यह जिले के लिए गर्व का विषय है और यह हृदय रोगियों के लिए एक नई आशा की किरण है। (MP News)