नीमच

नीमच का दुर्भाग्य: अब एकमात्र खेल मैदान बचाने सडक़ पर उतर रही जनता

शहर के सबसे बड़े एकमात्र बचे खेल मैदान को बचाने कवायद तेज, पुतला दहन और शहर बंद जैसे निर्णय से भी पीछे नहीं हटेंगे, दी चेतावनी, सांदीपनि विद्यालय निर्माण की वजह से खेल मैदान हो रहा खत्म
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Aug 01, 2026
Neemuch Breaking News
नगरपालिका अध्यक्ष को स्कूल के लिए अन्यत्र जगह तलाशने आवेदन देते शहरवासी।

नीमच. जिला मुख्यालय पर जिस तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं, उसी तेजी से खेल मैदानों की बलि भी चढ़ रही है। राजेंद्र प्रसाद स्टेडियम, बंगला नंबर 60, कोठी स्कूल मैदान आदि क्षेत्र विकास की भेंट चढ़ चुके हैं। स्टेडियम घटिया राजनीति की बलि चढ़ा। यहां ग्रास ग्राउंड बनाने की आड़ में जो काली मिट्टी डाली गई, इसके बाद यह मैदान खेलने या अन्य गतिविधियों के लायक ही नहीं बचा। अब विकास की आड़ लेकर शहर के एकमात्र खेल मैदान (शाबाउमावि क्रमांक दो) को भी समाप्त करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। इस मैदान की बलि चढ़े इससे पहले शहर के कुछ प्रबुद्धजन जागे और विरोध प्रदर्शन प्रारंभ किया है। यहां तक चेतावनी दी है कि यदि आवश्यकता पड़ी तो जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदारों के पुतला दहन के साथ ही शहर बंद करने जैसे सख्त निर्णय भी लेने को मजबूर होना पड़े तो पीछे नहीं हटेंगे।

कलेक्टर ने दिया वैकल्पिक पर विचार का
शुक्रवार को खेल मैदान बचाओ संघर्ष समिति के सदस्यों ने कलेक्टोरेट में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधि मंडल ने मैदान से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। मुलाकात के दौरान समिति ने कलेक्टर को हाल ही में विधायक दिलीपसिंह परिहार और नपा अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा से हुई सकारात्मक चर्चा व मुलाकात की जानकारी भी दी। इस दौरान कलेक्टर ने समिति के पक्ष, मांगों और चिंताओं को बेहद ध्यानपूर्वक और सकारात्मक रूप से सुना। बैठक में सर्वसम्मति से यह तय किया गया कि संबंधित विषय के समाधान के लिए विभिन्न वैकल्पिक भूमियों पर विचार किया जाएगा। कलेक्टर ने समिति द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं पर सहानुभूतिपूर्वक और सकारात्मक निर्णय लेने का स्पष्ट आश्वासन दिया है। प्रशासन और समिति के बीच हुई इस महत्वपूर्ण वार्ता के बाद अब मामले में जल्द ही किसी व्यावहारिक समाधान की उम्मीद जताई जा रही है। कलेक्टर से मुलाकात करने पहुंचे इस प्रतिनिधिमंडल में कपिल सिंह चौहान, जिला प्रेस क्लब अध्यक्ष श्याम गुर्जर, इंजीनियर नवीनकुमार अग्रवाल, कीर्ति पंचोली और मोहित रामरख्यानी प्रमुख रूप से शामिल थे।

आज भारत माता चौराहा पर प्रदर्शन
खेल मैदान बचाओ संघर्ष समिति द्वारा शनिवार को प्रात: 9 बजे भारत माता चौराहा पर प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान सांकेतिक रूप से खेल मैदान का रूप देकर विभिन्न प्रकार के खेलों का आयोजन किया जाएगा। इसमे सभी खिलाड़ी एवं आमजन उपस्थित रहेंगे। शहर के एकमात्र बचे खेल को बचाने के लिए अब शहर के प्रबुद्धजन, खेल प्रेमी, विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य कमर कस चुके हैं। सभी का कहना है कि भावी पीढ़ी को स्वस्थ रहना है तो खेल गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेना होगा, लेकिन यह सभी संभव है जब शहर में खेल मैदान हो। विकास की अंधी दौड़ में जनप्रतिनिधि भविष्य की चिंताओं को नजरअंदाज कर कार्य कर रहे हैं। इसका खामियाजा शहर की भावी पीढ़ी को भुगतना होगा।

विधायक बोले नपा व जिला प्रशासन लेगा निर्णय
खेल मैदान बचाओ संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने मैदान के संरक्षण की मांग को लेकर विधायक दिलीपसिंह परिहार और नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा से भी मुलाकात कर अपनी बात प्रखरता से रखी। मुलाकात के दौरान जनप्रतिनिधियों का रुख सकारात्मक तो रहा, लेकिन उन्होंने पूरे मामले का अंतिम फैसला प्रशासन और अधिकारियों के पाले में डाल दिया है। वहीं दूसरी ओर, समिति ने सांदीपनि विद्यालय (सीएम राइज) का अधिकृत नक्शा सार्वजनिक कर प्रशासन के उन दावों की धज्जियां उड़ा दीं, जिनमें कहा जा रहा था कि मैदान भी सुरक्षित रहेगा और स्कूल भी बन जाएगा। विधायक परिहार ने चर्चा में कहा कि वैकल्पिक जमीन मिले तो कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हम सिर्फ यह चाहते हैं कि स्कूल शीघ्र बने। यदि प्रशासन और नगरपालिका सांदीपनि विद्यालय के लिए शहर में कहीं भी वैकल्पिक भूमि की व्यवस्था करते हैं, तो नई जगह पर स्कूल भवन का निर्माण कराने में हमें कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए गेंद नगरपालिका और जिला प्रशासन के पाले में सरका दी।

एक पल में दे देंगे जमीन
नपाध्यक्ष ने समिति को भरोसा दिलाते हुए कहा कि शासन-प्रशासन सांदीपनि विद्यालय भवन निर्माण के लिए शहर में जो भी वैकल्पिक भूमि चाहेगा नगरपालिका उसे बिना किसी झिझक के तुरंत हस्तांतरित करने को तैयार है। चर्चा के दौरान समिति सदस्यों ने नगरपालिका की उन प्रमुख विवादित जमीनों का मुद्दा उठाया जो पूर्व में चयनित की गई थीं, लेकिन भू-माफियाओं, कब्जेधारियों के स्टे के कारण पेंडिंग पड़ी हैं। इसमें महाराणा प्रताप प्रतिमा चौराहा (स्पेंटा पेट्रोल पंप के पास) की जमीन पर कब्जेधारियों के स्टे को लेकर सीएमओ दुर्गा बामनिया ने बताया कि नपा की ओर से कोर्ट में मजबूत जवाब दाखिल किया जा चुका है। मामला निर्णय हेतु लंबित है। मनासा रोड (रेस्ट हाउस के सामने) की बेशकीमती जमीन पर भी स्टे के मामले में विधायक, नपाध्यक्ष और सीएमओ तीनों ने सहमति जताई कि यदि यह जमीन मुक्त होती है तो सांदीपनि विद्यालय यहां बनाया जा सकता है। तीनों जिम्मेदार प्रतिनिधियों ने समिति को आश्वस्त किया कि कोर्ट में लंबित इन मामलों के शीघ्र निराकरण हेतु नगरपालिका अब पुरजोर और तीव्र कानूनी प्रयास करेगी ताकि सांदीपनि विद्यालय के लिए वैकल्पिक ज़मीन का रास्ता साफ़ हो सके।

निर्माण में एक इंच नहीं बचेगी जमीन, नक्शे ने खोली पोल
धरना और वार्ताओं के बीच समिति के सदस्यों ने प्रस्तावित सांदीपनि विद्यालय का आधिकारिक नक्शा सार्वजनिक किया। समिति पदाधिकारियों का कहना है कि पिछले लंबे समय से प्रशासन और जिम्मेदार हमें यह कहकर गुमराह कर रहे थे कि बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 2 का खेल मैदान सुरक्षित रहेगा। केवल परिसर के एक हिस्से में स्कूल बनेगा। दूसरी ओर नक्शा खुद सच्चाई बयां कर रहा है। नक्शे के मान से प्रस्तावित निर्माण पूरे मैदान को निगल जाएगा। सांदीपनि परिसर बनने के बाद खिलाडिय़ों और बच्चों के लिए एक इंच जमीन भी नहीं बचेगी। प्रशासन जनता से सरासर झूठ बोल रहा है। समिति ने दोहराया है कि जब तक मैदान को पूर्णत: खेल गतिविधियों के लिए संरक्षित घोषित नहीं किया जाता और स्कूल को अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया जाता उनका यह संघर्ष चरणबद्ध रूप से जारी रहेगा।

Updated on:
01 Aug 2026 11:48 am
Published on:
01 Aug 2026 11:48 am