नीमच

Senior Citizen Torture News जमा देने वाली ठंड में निकाला वृद्धाश्रम से बाहर

सीईओ तक पहुंची शिकायत तो आनन फानन में फिर किया भर्ती
2 min read
• •
Updated: 3 Jan 2019, 9:04 AM IST
Senior Citizen Torture Letest News IN Hindi Neemuch
वृद्धाश्रम से बाहर निकालने के बाद इस तरह ठंड में ठिठुरता बुजुर्ग।

नीमच. जमा देने वाली ठंड में जहां किसी के घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं होती वहां रेडक्रास सोसायटी के वृद्धाश्रम से एक बुजुर्ग को बाहर निकाल दिया गया। बुजुर्ग को ठंड में रोते बिलखते देख मीडियाकर्मियों ने इसकी शिकायत जिला पंचायत सीईओ से की। आनन फानन में वृद्धाश्रम संचालक मौके पर पहुंचे और बुजुुर्ग को आश्रम में जगह दी।

ठंड लगने से रोने लगा था बुजुर्ग
रेडक्रास सोसायटी द्वारा संचालित वृद्धाश्रम में पिछले तीन सालों से रह रहे मनासा निवासी धनराज पिता दयाराम कछावा को बुधवार सुबह 11 बजे आश्रम से बाहर निकाल दिया गया था। दिनभर बुजुर्ग की ओर किसी का ध्यान नहीं गया। बुधवार रात करीब 8 बजे किसी मामले को लेकर मीडियाकर्मी जिला चिकित्सालय पहुंचे तो रेडक्रास के बाहर बुजुर्ग को रोते देखा। इस बारे में जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि वे रेडक्रास के वृद्धाश्रम में रहते हैं। उन्हें बिना कारण आज वृद्धाश्रम से बाहर निकाल दिया गया। इसकी जानकारी मीडियाकर्मियों ने जिला पंचायत सीईओ कमलेश भार्गव को दी। उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए तुरंत रेडक्रास सोसायटी के लेखापाल उमेश चौहान को बुजुर्ग को पुन: वृद्धाश्रम में जगह देने के निर्देश दिए। इस बीच महिला एवं बाल विकास अधिकारी रेलम बघेल को भी सूचना मिली तो उन्होंने भी चौहान को निर्देश दिए। इसके बाद कहीं जाकर बुजुर्ग को मीडिया की वजह से जमा देने वाली ठंड से छुटकारा मिलने के साथ पुन: वृद्धाश्रम में जगह मिली सकी।

लेखापाल ने मुझे यहां से निकाला
तीन साल से वृद्धाश्रम में रह रहा हूं। मेरे परिवार में कोई नहीं है। मुझे लकवा होने से डाक्टरों ने मुझे घूमने फिरने के लिए कहा है। इसलिए जब मैं घूमने बाहर जाता हूं तो आपत्ति उठाई जाती है। कई बार लेखापाल द्वारा मुझे यहां से निकालने की धमकी दी गई है। बुधवार सुबह भी मेरे साथ उमेश चौहान द्वारा वृद्धाश्रम छोड़ऩे के कागज पर हस्ताक्षर कराए।
- धनराज कछावा, मनासा

बुजुर्ग के कहने पर दी थी अनुमति
बुधवार सुबह 11 बजे धनराज में लिखकर दिया था कि मैं यहां नहीं रहना चाहता। इंदौर जाना चाहता हूं। इस आधार पर हमने उसे वृद्धाश्रम से जाने की अनुमति दे दी थी। जिला पंचायत सीईओ और महिला एवं बाल विकास अधिकारी के निर्देश पर बुजुर्ग को फिर से वृद्धाश्रम में जगह दी गई है।
- उमेश चौहान, लेखापाल रेडक्रास सोसायटी

Published on: