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Neemuch: करवा चौथ पर गर्भवती को थाने ले आई पुलिस, बायोमेट्रिक जांच से सामने आया सच

SP Action : पहचान की गफलत में 'नेहा' की जगह उसकी गर्भवती बहन 'जया' को थाने ले आई पुलिस, बायोमेट्रिक जांच के बाद गर्भवती को सम्मानपूर्वक घर पहुंचाया गया।
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नीमच

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 29 Oct 2026, 3:29 PM IST

SP Action

पहचान की गफलत में गर्भवती को थाने ले आई पुलिस (फोटो सोर्स : Patrika)

Neemuch News :मध्य प्रदेश के नीमच पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास की संवेदनशीलता और त्वरित कार्यप्रणाली की गुरुवार को एक बार फिर शहरभर में सराहना हुई। करवा चौथ के पावन पर्व पर जब पुलिस की गफलत से एक 6 माह की गर्भवती महिला को परेशानी का सामना करना पड़ा तो एसपी व्यास ने बिना किसी औपचारिक शिकायत का इंतजार किए महज एक व्हाट्सएप मैसेज पर संज्ञान लिया। उन्होंने तत्काल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमलता अग्रवाल को थाने भेजकर दूध का दूध और पानी का पानी करवाया और निर्दोष महिला को ससम्मान उसके घर पहुंचाया।

सगी बहनें एक घर में ब्याहने से हुई गफलत

दरअसल, नीमच सिटी थाने में दर्ज धारा 307 (हत्या के प्रयास) के एक पांच माह पुराने मामले में पुलिस को 'नेहा यादव' नाम की महिला की तलाश थी। गुरुवार सुबह करीब 7 बजे पुलिस टीम ने मालखेड़ा गांव में दबिश दी। चूंकि नेहा और उसकी सगी बहन जया यादव दोनों एक ही घर में ब्याही हैं, इसलिए पुलिस पहचान की गफलत में नेहा समझकर जया को पूछताछ के लिए सिटी थाने ले आई। जया 6 माह की गर्भवती है और गुरुवार को उसका करवा चौथ का व्रत भी है।

थाने में सुनवाई नहीं हुई तो व्हाट्सएप ग्रुप पर उठा मुद्दा

महिला के पति नरेश यादव और परिजन दीपक यादव ने थाने पहुंचकर पुलिसकर्मी मदनलाल सिंगार को आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज दिखाए और बताया कि यह नेहा नहीं बल्कि जया है। परिजन का कहना था कि, मौके पर पुलिसकर्मी दस्तावेज मानने को तैयार नहीं थे और कोर्ट में पेश करने की बात कह रहे थे। सुबह 9:54 बजे यह मामला पुलिस-प्रशासन और मीडिया से जुड़े व्हाट्सएप ग्रुप (Just Neemuch) पर पत्रकार द्वारा प्रमुखता से उठाया गया।

पब्लिक डोमेन में ही एसपी ने दिए निर्देश

व्हाट्सएप ग्रुप पर जैसे ही गर्भवती महिला की परेशानी की जानकारी एसपी राजेश व्यास को लगी, उन्होंने तुरंत ग्रुप में ही स्पष्ट किया कि किसी भी निर्दोष को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। जब यह बात सामने आई कि थाने पर दस्तावेज नहीं माने जा रहे हैं, तो एसपी व्यास ने सुबह 11:20 बजे ग्रुप पर ही एडिशनल एसपी हेमलता अग्रवाल को टैग करते हुए तत्काल सिटी थाने जाकर मामले को देखने के निर्देश दिए। इसके ठीक 3 मिनट बाद एएसपी अग्रवाल थाने के लिए रवाना हो गईं।

बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कर ससम्मान परिजनों को सौंपा

सिटी थाने पहुंचकर एएसपी हेमलता अग्रवाल ने परिजनों की बात सुनी और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए महिला अधिकारी के साथ जया को बायोमेट्रिक सत्यापन हेतु आधार सेंटर भिजवाया। आधार वेरिफिकेशन में यह स्पष्ट हो गया कि थाने लाई गई महिला वास्तव में जया ही है। सच्चाई सामने आते ही पुलिस ने अपनी चूक सुधारी और महिला को तुरंत ससम्मान उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। एसपी राजेश व्यास की इस सजगता और त्वरित निर्णय से एक गर्भवती महिला को करवा चौथ के दिन बड़ी राहत मिली, जिससे आमजन में पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।

महिला को पहुंचाया उनके घर

नीमच की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमलता अग्रवाल का कहना है कि, सिटी थाने में धारा 307 के प्रकरण में नेहा नाम की महिला वांटेड है। दोनों सगी बहनें एक ही घर में ब्याही हैं, इसलिए गलतफहमी में पुलिस नेहा समझकर जया को ले आई थी। महिला अधिकारी के साथ भेजकर जब आधार वेरिफिकेशन करवाया गया तो पुष्टि हुई कि वो जया ही है। महिला को उसके परिजन के सुपुर्द कर दिया गया है और पूरे मामले की जांच भी करवाई जा रही है।