
SIR Protest Kochi: सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शनिवार को कोच्चि में पार्टी के ‘जंतर-मंतर एट कोच्चि’ प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। यह प्रदर्शन मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) के विरोध में आयोजित किया गया था। दीपके ने केंद्र सरकार की अमेरिका के साथ नीतियों, रूस से तेल खरीद और युवाओं के SIR विरोधी प्रदर्शनों को लेकर सवाल उठाए।
दीपके ने CJP को विदेशी ताकतों द्वारा नियंत्रित किए जाने के आरोपों पर पलटवार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर ही देश के हितों से समझौता करने का आरोप लगाया। उन्होंने रूस से तेल खरीद बंद करने और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से जुड़े टैरिफ का जिक्र करते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि वे कहते हैं कि CJP को बाहरी ताकतें नियंत्रित कर रही हैं और भारत को अस्थिर करने की कोशिश हो रही है। मैं मोदी से पूछना चाहता हूं कि ट्रंप के सामने किसने सरेंडर किया? ट्रंप के कहने पर रूस से तेल खरीदना बंद करने पर कौन सहमत हुआ?
दीपके ने आगे दावा किया कि भारत को 18 प्रतिशत टैरिफ का सामना करना पड़ा, जबकि अमेरिका के उत्पादों पर शून्य प्रतिशत टैरिफ की व्यवस्था स्वीकार की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने देश को ट्रंप के हाथों ‘बेच’ दिया।
CJP संस्थापक ने महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर और पंडित जवाहरलाल नेहरू का जिक्र करते हुए कहा कि ये तीनों भारत की आत्मा, रीढ़ और मस्तिष्क हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, “नरेंद्र मोदी की औकात नहीं है इनसे बड़ा बनने की।” दीपके ने दावा किया कि मोदी 120 साल तक भी सत्ता में रहें, तब भी गांधी, अंबेडकर और नेहरू के योगदान की बराबरी नहीं कर सकते। उन्होंने प्रधानमंत्री से जुड़े वैचारिक संगठन पर भी निशाना साधते हुए स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उसकी भूमिका को लेकर आरोप लगाए।
दीपके ने SIR के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे युवाओं को लेकर सरकार के रुख पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़कों पर प्रदर्शन करने वाले युवाओं को कभी पाकिस्तान समर्थित, कभी अमेरिका समर्थित और कभी अमेरिकी कारोबारी जॉर्ज सोरोस से फंडेड बताया जाता है। उन्होंने सवाल किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए इतने महत्वपूर्ण क्यों हैं कि सरकार अपने ही देश के युवाओं के खिलाफ ‘युद्ध’ कर रही है। दीपके ने कहा कि सरकार में बदलाव का रास्ता केवल चुनावी व्यवस्था के जरिए निकलता है और युवाओं के लोकतांत्रिक विरोध को इस तरह से खारिज नहीं किया जाना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान दीपके ने प्रधानमंत्री मोदी के निजी जीवन को लेकर भी टिप्पणी की और आरोप लगाया कि उन्हें देश के बच्चों और युवाओं की चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री के अपने बच्चे होते तो उन्हें बच्चों की समस्याओं का बेहतर अंदाजा होता। दीपके इससे पहले कह चुके थे कि वे स्थानीय आयोजकों और अभिनेता-सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज के निमंत्रण पर कोच्चि पहुंचे हैं। CJP ने यह प्रदर्शन मतदाता सूची के SIR को रद्द करने की मांग को लेकर आयोजित किया था।