नई दिल्ली

‘प्रदर्शन से नहीं, सरकार की पाबंदियों से ठप होता है कारोबार’, अभिजीत दीपके ने ऐसा क्यों कहा?

Latest Statement of Abhijeet Dipke: CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है। उन्होंने पूछा कि विपक्ष में रहते हुए प्रदर्शन करने वाली पार्टियां सत्ता में आने के बाद विरोध पर पाबंदियां क्यों लगाती हैं।
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CJP Protest
अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन पर पाबंदियों को लेकर सरकार से सवाल किए। (फोटो सोर्स-IANS)

Right to Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मोदी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन से कारोबार को नुकसान नहीं होता। परेशानी तब बढ़ती है, जब शहर में पाबंदियां लगाई जाती हैं, इंटरनेट बंद किया जाता है और लोगों के आने-जाने पर रोक लगती है। उन्होंने कहा कि सरकार से सवाल पूछना और अपनी मांगों के लिए प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है।

दीपके ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी महात्मा गांधी के बताए शांति के रास्ते पर चलती है। उनके मुताबिक, पार्टी ने मुंबई, पुणे, जयपुर, लखनऊ, बेंगलुरु और नागपुर में प्रदर्शन किए और ये शांतिपूर्ण रहे।

जयपुर में हमले का भी किया जिक्र

अभिजीत दीपके ने दावा किया कि जयपुर में उन पर हमला हुआ था, लेकिन उन्होंने जवाब में हिंसा नहीं की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी किसी भी हाल में हिंसा का रास्ता नहीं अपनाएगी और अपनी मांगें शांतिपूर्ण तरीके से उठाती रहेगी।

सत्ता में आने के बाद रवैया क्यों बदला?

दीपके ने कहा कि सरकार से जवाब मांगने या किसी फैसले के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों को गलत ठहराना ठीक नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि जो पार्टी विपक्ष में रहते हुए प्रदर्शन करती थी और सरकार से सवाल पूछती थी, वह सत्ता में आने के बाद विरोध करने वालों पर पाबंदियां क्यों लगाती है?

उन्होंने कहा कि सरकार के फैसलों पर सवाल उठाना लोकतंत्र का हिस्सा है। अपनी बात रखने वाले लोगों को रोकने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए।

'चुनाव के बाद भी जनता की सुनना जरूरी'

CJP संस्थापक ने कहा कि उनकी पार्टी कोई खास सुविधा नहीं मांग रही है। वह केवल उन अधिकारों का इस्तेमाल करना चाहती है, जो देश के हर नागरिक को मिले हैं। लोगों को अपने चुने हुए नेताओं से सवाल पूछने और सरकार से जवाब मांगने का पूरा हक है।

अभिजीत दीपके ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव में वोट डालने तक ही सीमित नहीं है। चुनाव जीतने के बाद भी सरकार को जनता की बात सुननी चाहिए, न कि उसकी आवाज दबाने की कोशिश करनी चाहिए।

Updated on:
16 Oct 2026 12:45 pm
Published on:
16 Oct 2026 12:44 pm