
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कांग्रेस सांसद मनोज कुमार (फोटो- ANI/IANS)
Congress on Rajnath Singh: सासाराम से कांग्रेस के लोकसभा सांसद मनोज कुमार ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस बयान पर पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने विपक्ष का विरोध प्रदर्शन को बांग्लादेश से प्रेरित बताया है। सरकार की आर्थिक नीतियों, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कामकाज पर सवाल उठाते हुए मनोज कुमार ने पूछा कि क्या विपक्ष को बस मूकदर्शक बनकर बैठे रहना चाहिए? उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार दावा करती है कि वह 2047 तक भारत को विश्व गुरु बना देगी, वहीं दूसरी तरफ हकीकत यह है कि भारत आर्थिक मोर्चे पर अपने छोटे पड़ोसी देश बांग्लादेश से भी पीछे छूट गया है।
कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार अपनी विफलताओं के लिया हर बात का दोष विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर मढ़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने तर्क दिया कि अगर किसी व्यक्ति ने कोई बयान दिया भी है, तो वो उसकी व्यक्तिगत राय हो सकती है, उसके आधार पर पूरे विपक्ष और राहुल गांधी को निशाना बनाना केंद्र सरकार की हताशा ही है।
मनीज कुमार ने रक्षा मंत्री से सवाल किया कि भारत आर्थिक मामलों में बांग्लादेश से पीछे क्यों रह गया है? उन्होंने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुख्य मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय, सरकार लोगों का ध्यान भटकाने वाली राजनीति कर रही है, जबकि विपक्ष पूरी तरह एकजुट और अडिग है।
दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों पर लगाई गई पाबंदियों का जिक्र करते हुए कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने कहा कि पूरी दिल्ली को किले और पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया है। उन्होंने कहा कि युवाओं और छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों को छीना जा रहा है, जो बस तिरंगा फहराना चाहते हैं, उन्हें सड़कों से उठाकर हिरासत में लिया जा रहा है और जेलों में डाला जा रहा है। मनोज कुमार ने मंत्रियों को सलाह दी कि विपक्ष पर आरोप लगाने से पहले वे इस बात पर विचार करें कि आखिर देश के युवाओं को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर क्यों होना पड़ा।
मनोज कुमार ने NEET पेपर लीक को लेकर रक्षा मंत्रालय पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्रालय ने खुद हेलिकॉप्टर के जरिए सुरक्षित नीट प्रश्नपत्र पहुंचाने का जिम्मा उठाया था, इसके बावजूद दिल्ली, पटना और बिहार के अन्य इलाकों में बड़े पैमाने पर फर्जी उम्मीदवार और पेपर लीक करने वाले गिरोह के दर्जनों लोग रंगे हाथों पकड़े गए। उन्होंने सवाल किया कि केंद्र सरकार कैसे दावा कर सकती है कि उसका सिस्टम सफल है, जबकि वह एक भी परीक्षा को ईमानदारी और सुरक्षा के साथ आयोजित करने में विफल रही है।
Updated on:
16 Oct 2026 12:09 pm
Published on:
16 Oct 2026 12:09 pm
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