
Abhijit Dipke PM Modi statement: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनकी टीम को दिल्ली की एक रेजिडेंट सोसाइटी में उस वक्त भारी विरोध का सामना करना पड़ा, जब वे अपने समर्थकों के साथ पार्क में बैठक करने पहुंचे थे। 'जंतर-मंतर सीजन 2' की रणनीति बनाने आए दीपके ने जब समर्थकों से प्रधानमंत्री के इस्तीफे की बात कही, तो सोसाइटी के निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्हें उलटे पांव वहां से लौटना पड़ा।
अभिजीत दीपके अपने साथी सौरभ दास, आशुतोष रंका और अन्य कार्यकर्ताओं के साथ सोसाइटी के पार्क में जुटे थे। बैठक के दौरान दीपके ने समर्थकों से सवाल किया कि अब किसका इस्तीफा चाहिए? समर्थकों ने जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिया। जैसे ही सोसाइटी के लोगों को इस राजनीतिक बैठक और नारेबाजी की भनक लगी, बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी पार्क में एकत्र हो गए।
लोगों ने बैठक का तीखा विरोध करते हुए कहा कि यह सोसाइटी का पार्क है, कोई धरना-प्रदर्शन या राजनीतिक नौटंकी की जगह नहीं। यहां यह सब बिल्कुल नहीं चलेगा, आप लोग तुरंत बाहर जाइए। विरोध बढ़ने पर सीजेपी कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों के बीच तीखी बहस हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और अभिजीत दीपके को समर्थकों संग पार्क छोड़ना पड़ा।
घटना से पहले अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि उन्हें दिल्ली में इंडोर बैठक करने से रोका जा रहा है। अभिजीत दीपके के मुताबिक, उन्होंने बैठक के लिए कई जगह हॉल बुक करने की कोशिश की, लेकिन दबाव के कारण मना कर दिया गया। एक जगह रसीद कटने के बावजूद बाद में बुकिंग रद्द कर दी गई। उन्होंने कहा कि हमें जगह देने वालों को उल्टा लटकाने की धमकियां दी जा रही हैं। इंडोर मीटिंग के लिए पुलिस परमिशन की जरूरत नहीं होती, फिर भी बीजेपी के डर से लोग हमें जगह नहीं दे रहे हैं।
सोसाइटी से बाहर जाने के बाद सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास और दीपके ने स्पष्ट किया कि वे 'जंतर-मंतर सीजन 2' की तैयारी जारी रखेंगे। स्वतंत्रता दिवस से सीजेपी देशव्यापी 'लिसनिंग टूर' और शिक्षा ऑडिट अभियान शुरू करेगी। पार्टी ने अभिभावकों और युवाओं से सरकारी स्कूलों का दौरा कर वहां की कमियों और सच्चाई को सामने लाने की अपील की है।