
Yash Dabas: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने रविवार को दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया। अभाविप के मुताबिक घोषणापत्र ‘अ-आवास, भा-भागीदारी, वि-विश्वास, प-परिणाम’ के चार व्यापक आधारों पर केंद्रित है। छात्र संगठन ने सुरक्षित और सुलभ विद्यार्थी आवास, महिला सुरक्षा, बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था और रोजगार के अवसरों को प्रमुखता दी है। डूसू चुनाव में अभाविप की ओर से अध्यक्ष पद पर यश डबास, उपाध्यक्ष पद पर ईशू मौर्य, सचिव पद पर रिया छाबड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्यराज सिंह प्रत्याशी हैं।
अभाविप (ABVP) का कहना है कि उसके प्रत्याशी विभिन्न महाविद्यालयों, पीजी और छात्रावासों में विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को समझ रहे हैं। सत्य निकेतन हादसे के बाद सुरक्षित विद्यार्थी आवास का मुद्दा लगातार उठाया जा रहा है। अभाविप के मुताबिक, नए छात्रावासों का निर्माण, छात्राओं के लिए पर्याप्त छात्रावास, छात्र आवास प्रकोष्ठ और हेल्पलाइन उसकी प्राथमिकताओं में शामिल हैं। पीजी और छात्रावासों की सुरक्षा जांच के साथ अग्नि सुरक्षा मानकों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। इसके अलावा स्वच्छता, पेयजल और इंटरनेट जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करने की बात कही गई है।
महिला सुरक्षा और विद्यार्थी कल्याण के क्षेत्र में पिंक बूथ, सुरक्षा गश्त, महिला सुरक्षा कर्मियों की उपलब्धता और बेहतर प्रकाश व्यवस्था पर जोर दिया गया है। छात्राओं के लिए कॉमन रूम, सैनिटरी नैपकिन मशीनें, स्त्री रोग विशेषज्ञ की सुविधा और आत्मरक्षा प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की बात भी घोषणापत्र में कही गई है। शैक्षणिक व्यवस्था में समयबद्ध और पारदर्शी परीक्षा परिणाम, पूरक परीक्षाएं, उत्तर पुस्तिकाएं देखने की सुविधा, आंतरिक मूल्यांकन में पारदर्शिता, विद्यार्थी-अनुकूल परीक्षा व्यवस्था और समय पर डिग्री उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी गई है।
घोषणापत्र में विद्यार्थियों के भविष्य को रोजगार से जोड़ने के लिए रोजगार मेले आयोजित करने, उद्योगों और शोध संस्थानों से संपर्क बढ़ाने, प्रशिक्षण और इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध कराने तथा एआई और डिजिटल कौशल से जुड़े अवसर बढ़ाने की बात कही गई है। इसके साथ ही नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।
अभाविप पैनल से अध्यक्ष पद के प्रत्याशी यश डबास ने कहा कि घोषणापत्र का अ-आवास, भा-भागीदारी, वि-विश्वास और प-परिणाम विद्यार्थियों की रोजमर्रा की जरूरतों और उनकी आकांक्षाओं से जुड़े हमारे काम की दिशा को स्पष्ट करता है। जहां एक ओर बाकी संगठन आपसी मतभेदों और आंतरिक खींचतान में उलझे हुए हैं, वहीं अभाविप के प्रत्याशी एकजुट होकर विद्यार्थियों के मुद्दों को लेकर उनके बीच पहुंच रहे हैं।