
Delhi Riots Case: दिल्ली दंगों और अंकित शर्मा हत्याकांड में पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को सजा मिल गई है। अब दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ताहिर हुसैन ने दिल्ली में हिंसा भड़काई थी। साथ ही दावा किया कि उसे आम आदमी पार्टी का राजनीतिक संरक्षण मिला था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय हुई कथित राजनीतिक साजिश के लिए केजरीवाल, संजय सिंह और मनीष सिसोदिया भी जवाबदेह हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अदालत का फैसला पीड़ित परिवारों के लिए न्याय है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली की जनता इस घटना को कभी नहीं भूलेगी।
दिल्ली दंगों और अंकित शर्मा हत्याकांड में पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद दिल्ली की राजनीति गरमा गई है। बता दें कि दिल्ली की एक अदालत ने पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन को इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या, दंगा भड़काने, और धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने जैसी गंभीर धाराओं के तहत दोषी करार दिया है। कोर्ट ने इस मामले में ताहिर हुसैन के साथ चार अन्य आरोपियों जावेद, अनस, नाजिम और कासिम को भी दोषी पाया है। हालांकि, सबूतों के अभाव में कोर्ट ने छह अन्य सह-आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट जल्द ही इन सभी दोषियों को सुनाई जाने वाली सजा की अवधि पर फैसला सुनाएगा।
दूसरी तरफ, चौतरफा हमलों के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस पूरे मामले से खुद को अलग कर लिया है। 'आप' ने बयान जारी कर याद दिलाया कि साल 2020 में दिल्ली दंगों की एफआईआर दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर पार्टी ने ताहिर हुसैन को प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया था। 'आप' के अनुसार, ताहिर ने बाद में 2025 का दिल्ली विधानसभा चुनाव एआईएमआईएम (AIMIM) के टिकट पर लड़ा था और वर्तमान में उनका पार्टी से कोई संबंध नहीं है। हालांकि, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और भाजपा नेताओं का कहना है कि पार्टी से निकाल देने मात्र से अरविंद केजरीवाल की नैतिक और राजनीतिक जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती।