
पानी से निकलती गाड़ियां। फोटो- एएनआई
Monsoon Update नई दिल्ली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने उत्तर-पश्चिम भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय बने रहने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। विभाग के अनुसार हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 19 जुलाई तक रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान है। विभाग ने इस क्षेत्र के कई हिस्सों में आंधी, तेज हवाओं और बिजली गिरने की भी चेतावनी दी है, जबकि हफ्ते के अंतिम हिस्से में हिमालयी राज्यों में भारी बारिश होने का अनुमान है।
राष्ट्रीय पूर्वानुमान केंद्र की ओर से मंगलवार को जारी मौसम पूर्वानुमान बुलेटिन के अनुसार हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 14-19 जुलाई के बीच अलग-अलग जगहों पर बारिश हो सकती है। पूर्वानुमान के अनुसार पर्वतीय इलाकों में बारिश ज्यादा प्रबल होगी। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 14-17 जुलाई के बीच अलग-अलग जगहों पर छिटपुट बारिश होने का अनुमान है, जबकि 18-19 जुलाई को यह अधिक इलाकों में फैल जाएगी। उत्तराखंड में भी 14-19 जुलाई के बीच तेज बारिश हो सकती है, जबकि 15-19 जुलाई के बीच राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश होने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने 18 और 19 जुलाई को हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान लगाया है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 17-19 जुलाई के दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। विभाग ने 14 से 19 जुलाई के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में कहीं-कहीं बिजली कड़कने और 40-50 किमी/घंटा (तेज हवा के झोंके 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से हवा चलने के साथ आंधी-तूफान की चेतावनी दी है। उत्तराखंड में भी 14-19 जुलाई के दौरान कहीं-कहीं आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अनुमान जताया गया है।
बारिश के अलावा मौसम विभाग ने आज उत्तर-पश्चिम भारत में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवा चलने का अनुमान जताया है, जिससे कुछ खुले इलाकों में दृश्यता पर असर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखें और आंधी-तूफान एवं भारी बारिश के दौरान सावधानी बरतें, खासकर उन इलाकों में जो ज्यादा जोखिम वाले हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में नया वेदर सिस्टम बनने जा रहा है। इसके प्रभाव से मध्य और पूर्वी भारत में 15-16 जुलाई के बाद एक बार फिर झमाझम बारिश का दौर शुरू होने की प्रबल संभावना है।
Updated on:
14 Jul 2026 02:34 pm
Published on:
14 Jul 2026 02:34 pm
