
ताहिर हुसैन वकील (फ़ोटो- ANI)
Ankit Sharma Murder Case: दिल्ली दंगों के दौरान IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन के वकील एडवोकेट अब्दुल गफ्फार ने कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने घटना के दिन मौके पर गैर-कानूनी भीड़ की मौजूदगी को माना और यह निष्कर्ष निकाला कि दोषी व्यक्ति उस भीड़ का हिस्सा थे।
वकील ने बताया कि यह दोषसिद्धि भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 149 के तहत हुई है और यह धारा कहती है कि यदि कोई व्यक्ति गैर-कानूनी भीड़ का सदस्य है, तो भीड़ के साझा उद्देश्य को पूरा करने के लिए किए गए किसी भी अपराध के लिए सभी सदस्यों को जिम्मेदार ठहराया जाता है, चाहे उन्होंने व्यक्तिगत रूप से वह कार्य किया हो या नहीं। वकील ने कहा कि अदालत ने गवाहों की गवाही को विश्वसनीय मानते हुए निष्कर्ष निकाला कि ताहिर हुसैन घटनास्थल पर मौजूद थे।
दिल्ली दंगों के दौरान आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा अंकित शर्मा की हत्या के मामले में अदालत के फैसले के बाद दिल्ली सरकार में मंत्री और बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर तीखा हमला बोला है। मिश्रा ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इस मामले में अभी पूरा न्याय होना बाकी है और दंगों के पीछे बड़ी साजिश थी।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली में वर्ष 2020 में हुए दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में अदालत का फैसला आने के बाद कपिल मिश्रा ने इसे लंबे इंतजार के बाद मिला न्याय बताया। उन्होंने कहा कि छह साल से इस दिन का इंतजार था। मिश्रा के अनुसार, अंकित शर्मा को दंगों के दौरान खींचकर ताहिर हुसैन के घर ले जाया गया था और उनकी मौत के बाद भी उनके शरीर पर कई बार चाकू से वार किए गए। कपिल मिश्रा ने कहा कि हत्या को अंजाम देने वाले लोग सामने हैं, लेकिन इसके पीछे की साजिश की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में अभी पूरा न्याय होना बाकी है।
Updated on:
14 Jul 2026 09:30 pm
Published on:
14 Jul 2026 07:25 pm
