
Arvind Kejriwal Statement: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और जमीन विवाद के मामले को लेकर देश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को आड़े हाथों लिया है। केजरीवाल ने बीजेपी नेता और कैसरगंज से पूर्व लोकसभा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के एक कथित बयान का हवाला देते हुए केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर बेहद गंभीर सवाल दागे हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बीजेपी के एक बड़े नेता हैं बृजभूषण शरण सिंह। उनका खुद का कहना है कि 'अगर मैंने मुंह खोला तो बहुत बड़े-बड़े नाम सामने आएंगे और मुझे जान का खतरा है।' मैं पूछना चाहता हूं कि देश में ऐसे कौन से नाम हैं, जिनका खुलासा करने से बृजभूषण जैसे ताकतवर नेता को भी डर लग रहा है?'
केजरीवाल ने आगे बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री (बाबा बागेश्वर) का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बाबा बागेश्वर भी कह रहे हैं कि इस मामले में बहुत बड़े नाम शामिल हैं और अगर उन्होंने नाम लिया तो उन पर आंच आ सकती है।जब देश के इतने रसूखदार और ताकतवर लोग नाम लेने से डर रहे हैं, तो समझा जा सकता है कि यह घोटाला किस स्तर का है।'
राम मंदिर मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) पर सवाल उठाते हुए आप नेता ने इसे महज एक दिखावा करार दिया। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि बिना किसी एफआईआर (FIR) के कौन सी एसआईटी बनती है? यह एसआईटी सिर्फ जनता की आंखों में धूल झोंकने के लिए बनाई गई है। जो लोग पकड़े गए हैं, वे सब छोटे प्यादे हैं। असली मास्टरमाइंड को बचाया जा रहा है।' उन्होंने आरोप लगाया कि साल 2021 में भी जब अयोध्या में जमीनों से जुड़ी अनियमितताएं सामने आई थीं, तब भी एक एसआईटी बनाई गई थी, लेकिन नतीजा सिफर रहा और मामले को रफा-दफा कर दिया गया।
केजरीवाल ने यूपी सरकार की 'बुलडोजर नीति' पर तंज कसते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह इस घोटाले के पुख्ता दस्तावेज लेकर एसआईटी के पास गए थे, लेकिन एसआईटी ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि वे जमीन घोटाले की जांच नहीं कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि बात सिर्फ चंपत राय तक सीमित नहीं है, यह मामला उससे बहुत ऊपर का है। आखिर इन चंदा चोरों के घरों पर अभी तक बुलडोजर क्यों नहीं चला?