
'वंदे मातरम' विवाद पर BJP का हमला तेज, फोटो सोर्स- ANI
Pradeep Bhandari BJP statement: स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के गायन को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस नेतृत्व, विशेष रूप से सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर तीखा जुबानी हमला बोला है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया है कि देशभक्ति के प्रतीकों को लेकर कांग्रेस का दोहरा रवैया पूरी तरह उजागर हो चुका है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि 'जब कांग्रेस की रैलियों या उनके समर्थकों द्वारा 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाए जाते हैं, तब पार्टी नेतृत्व के चेहरे पर कोई शिकन या गुस्सा नजर नहीं आता। लेकिन जब पार्टी दफ्तर में 'वंदे मातरम' का उद्घोष होता है, तो सोनिया गांधी ऐसी प्रतिक्रिया देती हैं मानो कोई बड़ा अपराध हो गया हो।'
प्रदीप भंडारी ने 15 अगस्त के कार्यक्रम का जिक्र करते हुए दावा किया कि जब देश अपना स्वतंत्रता दिवस मना रहा था, तब सोनिया गांधी हाथ के इशारे से राष्ट्रगीत को बीच में रुकवाने की कोशिश कर रही थीं। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राष्ट्रगीत के दौरान सोनिया गांधी की नाराजगी से साफ झलकता है कि कांग्रेस नेतृत्व के मन में राष्ट्रगीत के प्रति कितना अनादर है। उन्होंने आगे कहा कि 'वंदे मातरम' का विरोध करने वाली राहुल गांधी और सोनिया गांधी की यह सोच 'दिमागी नक्सल' इकोसिस्टम की मानसिकता को दर्शाती है। कांग्रेस ने न केवल स्वतंत्रता सेनानियों बल्कि देश के संविधान, संप्रभुता और 140 करोड़ देशवासियों की भावनाओं को आहत किया है।
प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम की उस टिप्पणी पर भी तंज कसा जिसमें उन्होंने खुद को 'दिमागी नक्सल' कहा था। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस नेताओं के ये बयान और उनका आचरण साबित करता है कि पार्टी का दूर-दूर तक राष्ट्रवाद से कोई लेना-देना नहीं रह गया है। भाजपा ने मांग की है कि कांग्रेस नेतृत्व को राष्ट्रवाद और देश के राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति अपना रुख देश के सामने पूरी तरह स्पष्ट करना चाहिए।
Updated on:
16 Aug 2026 02:40 pm
Published on:
16 Aug 2026 02:40 pm
