
‘दिमागी नक्सल’ बयान पर CJP ने पीएम मोदी को घेरा (Photo: PIB/IANS)
PM Modi 'Dimagi Naxal' remark: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस के भाषण में ‘दिमागी नक्सल’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। सीजेपी के सह-संयोजक और मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने पीएम मोदी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि केवल सरकार से सवाल पूछने वाले शिक्षित युवाओं को ‘नक्सली’ बताना गलत है। यह सरासर अहंकार है।
15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि देश में सशस्त्र नक्सलवाद तो अंतिम सांसें ले रहा है, लेकिन 'दिमागी नक्सल' सोच रखने वाले कुछ लोग देश में हिंसा, अशांति और अराजकता फैलाने के मौके तलाश रहे हैं। पीएम मोदी ने अपने भाषण में जोर दिया था कि ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें समाज से अलग-थलग किया जाना चाहिए, जबकि भटके हुए युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाने के प्रयास होने चाहिए।
पीएम मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सीजेपी के सह-संयोजक सौरव दास ने कहा कि प्रधानमंत्री को शिक्षित युवाओं को इस तरह ‘नक्सली’ नहीं कहना चाहिए। दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, "प्रधानमंत्री जी, ‘दिमागी नक्सल’ जैसे शब्दों से अब काम नहीं चलेगा। आप पढ़े-लिखे युवाओं को सिर्फ इसलिए 'नक्सली' कैसे ठहरा सकते हैं क्योंकि वे आपकी सरकार से सवाल पूछते हैं?"
उन्होंने आगे कहा कि युवाओं को ऐसे नाम देना सरकार का अहंकार और उनकी समस्याओं को हल करने में उसकी पूरी तरह से विफलता को दर्शाता है। दास ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा, "घंटियां बज चुकी है और जागृति का दौर आ गया है।"
स्वतंत्रता दिवस पर एक अन्य संदेश में सौरव दास ने दावा किया कि देश शायद 12 साल बाद इस दिन को ‘सच्चे अर्थों में’ मना रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों के भीतर का डर टूट चुका है।
दास के मुताबिक, जिस पीढ़ी से चुप रहने के लिए कहा गया था, उसे अब अपनी आवाज मिल गई है। उन्होंने दावा किया कि जिस पीढ़ी से कहा गया था कि कुछ भी नहीं बदलेगा, उसने अब बदलाव की उम्मीद करना शुरू कर दिया है।
उन्होंने इसे ‘जागृति का युग’ और ‘शांतिपूर्ण विरोध का युग’ बताया। दास ने कहा कि आने वाले समय में लोग पुराने, भ्रष्ट, अक्षम और अहंकारी लोगों को सत्ता से बाहर कर देंगे।
सौरव दास ने आगे कहा कि देश के हर जिले में एक ‘जंतर-मंतर’ जन्म ले रहा है। उनके मुताबिक, यह उन लोगों के लिए उम्मीद की जगह है जो खुद को निराश महसूस करते हैं और उन लोगों के लिए ताकत का केंद्र है जिन्हें लगता है कि उनके पास कोई शक्ति नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग Gen-Z और युवाओं को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। दास ने कहा कि युवाओं को ‘तुम्हारी Gen-Z बनाम हमारी Gen-Z’ के रूप में बांटने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब लोग बंटने से इनकार कर देते हैं तो उनकी ताकत सबसे ज्यादा होती है। सत्ता वाले डर फैलाएंगे, लेकिन युवा साहस फैलाएंगे। उन्होंने दावा किया कि अब लोगों के मन से डर निकल चुका है और वे पीछे नहीं हटेंगे।
Updated on:
16 Aug 2026 12:23 pm
Published on:
16 Aug 2026 10:44 am
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