नई दिल्ली

पाकिस्तान कनेक्शन, बंदूक चलाने का शौक…राम मंदिर का मैप टेलिग्राम से भेजा, जानिए कैसे अब्दुल बना आतंकी

Abdul Rehman murdered in jail: फरीदाबाद जेल में सोमवार को राम मंदिर हमले की साजिश के आरोपी अब्दुल रहमान की एक सह-कैदी ने हत्या कर दी। रहमान पर पाकिस्तान से जुड़े होने और टेलीग्राम के जरिए मंदिर से जुड़ी जानकारियां साझा करने का आरोप था, जबकि पुलिस ने हत्यारे कैदी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

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Abdul Rehman murdered in jail: हरियाणा के फरीदाबाद जेल में सोमवार को अब्दुल रहमान की एक कैदी ने हत्या कर दी। रहमान अयोध्या का रहने वाला था और उस पर राम मंदिर पर हमले के लिए साजिश रचने का आरोप लगा था। उसका पाकिस्तान कनेक्शन भी बताया जा रहा है। आरोप है कि वह राम मंदिर का नक्शा और फोटो, वीडियो टेलिग्राम के माध्यम से आतंकी संगठन को भेजा करता था। फिलहाल जेल में जान से मारने वाले आरोपी के खिलाफ पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

आपको बता दें कि यह घटना रविवार और सोमवार की रात दो बजे की है। फरीदाबाद के निमका जेल में अब्दुल रहमान बंद था। आधी रात को अचानक सह-कैदी अरुण चौधरी से किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद अरुण ने पत्थरनुमा वस्तु से हमला कर दिया। हमले में रहमान गंभीर रूप से घायल हो गया है। घटना के बाद रहमान को फौरन अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। खबरों के मुताबिक हत्या का आरोपी कैदी अरुण चौधरी पहले से ही कई आपराधिक मामलों में जेल में बंद था।

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नकली बंदूक बनाता था रहमान

रहमान के बारे में सोशल मीडिया खंगालने पर पता चला कि उसे नकली बंदूक बनाने का शौक था। वह लकड़ी और लोहे से नकली बंदूकें बनाता था और सोशल मीडिया पर रील्स भी बनाता था। उसके कई इंस्टाग्राम आईडी होने की जानकारी सामने आई है। आतंक की राह पर उसके कदम बढ़ने की शुरुआत Abu_ubaida नाम से Altaf के नाम पर बनी एक आईडी से बताई जा रही है। बताया जाता है कि अचानक एक दिन उसे सलाम नाम के व्यक्ति का संदेश आया, जिसके बाद रहमान से उसकी बातचीत शुरू हुई। कथित तौर पर मैसेज करने वाले शख्स ने अपना परिचय इस्लामिक स्टेट ऑफ खोरासान से जुड़ा बताया। इसी के प्रभाव में आकर रहमान ने पहली बार टेलीग्राम एप्लिकेशन अपने फोन में डाउनलोड किया और उसी के जरिए जानकारियों का साझा करना शुरू किया।

राममंदिर का नक्शा, वीडियो व फोटो किया शेयर

खुद को इस्लामिक स्टेट से बताने वाला अबू सूफियान रहमान को अपने गिरफ्त में ले चुका था। उसके कहने पर ही रहमान ने राम मंदिर का फोटो, वीडियो और नक्शा टेलीग्राम पर शेयर किया था। इसके बाद उसके हौसले को बढ़ाने के लिए पैसे दिए गए। पहले तीस हजार की रकम दी गई और फिर साल 2025 में जनवरी माह में उसे 75 हजार दिए गए। इतना पैसा देने के बाद उसे राम मंदिर पर हमला करने के लिए कहा गया। इतना ही नहीं, लांचर और बम कैसे बनाया जाता है, इसकी एक वीडियो भी रहमान को भेजी गई थी ताकीि देखकर कर वह बना ले, लेकिन वह नहीं बना पाया था।

आदेश मिलते ही दिल्ली के लिए निकला रहमान

अबू शूफियान के आदेश पर वह अयोध्या से दिल्ली के लिए रवाना हो गया। दिल्ली में 2 मार्च 2025 की सुबह करीब छह बजे पहुंच गया। अब उसे वहां से फरीदाबाद की तरफ भेजा गया। इसके साथ एक लोकेशन बताई गई, जहां से उसे हैंड ग्रेनेड लेना था। शूफियान की तरफ से मिली लोकेशन पर रहमान पहुंच गया और पाली गांव के एक घर के कमरे में गया, जहां उसने मिट्टी के बर्तन से हैंड ग्रेनेड और अन्य सामान लेकर वहां से निकलने ही वाला था कि गुजरात एटीएस और हरियाणा एसटीएफ की टीम ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया।

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