आज एक दुर्घटना में सीडीएस बिपिन रावत की मौत हो गई। उनकी मौत के बाद से सवाल उठ रहा है कि आखिर अब यह पद किसे दिया जाएगा।
नई दिल्ली। आज तमिलनाडु के कुन्नूर में हुए विमान हादसे में सीडीएस बिपिन रावत और उनकी पत्नी का निधन हो गया है। इस हादसे को लेकर देशभर में शोक की लहर है। हर क्षेत्र के दिग्गज बिपिन रावत उनकी पत्नी और सभी जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। इसके साथ ही लोगों के मन में यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर देश के सीडीएस का पद कौंन संभालेगा। क्या सेना का कोई अन्य अधिकारी इस पदभार को संभालेगा या फिर इस पद पर नई नियुक्ति होगी। या अब सीडीएस के अधिकार राष्ट्रपति के सैन्य अधिकारों में समाहित हो जाएंगे। आज हम आपको बताएंगे कि सीडीएस की नियुक्ति के लिए क्या नियम और प्रावधान हैं, जिससे आपके कई सवालों के जवाब मिल सकेंगे।
समिति तय करेगी नया नाम
सैन्य जानकारों का कहना है कि इस महत्वपूर्ण पद का कार्यभार किसी को नहीं दिया जा सकता। जहां तक अब इस पद पर नई नियुक्ति ही की जाएगी। बताया गया कि अब देश में रक्षा मामलों से जुड़ी एक उच्च स्तरीय समिति यह तय करेगी कि अगला सीडीएस कौन होगा। जल्द ही इस बारे में चर्चा के बारे निर्णय लिया जा सकता है।
यहां जानिए कौन बन सकता है सीडीएस
अगर सीडीएस पद के नियमों और प्रावधानों की बात करें तो किसी सेना प्रमुख को सीडीएस बनाया जा सकता है। इस पद पर तैनात अधिकारी का वेतन और सुविधाएं अन्य सेना प्रमुखों के बराबर रखी गई हैं। वहीं इसमें आयु सीमा का नियम बाधा न बने, इसके लिए सीडीएस पद पर रहने वाले अधिकारी अधिकतम 65 वर्ष की आयु तक इस पद पर काम कर सकेंगे।
इसके साथ ही अब सेना प्रमुख अधिकतम 62 वर्ष की आयु या 3 वर्ष के कार्यकाल तक अपने पद पर रह सकते हैं। इसको लेकर केंद्र सरकार ने सेना के नियम 1954, नौसेना (अनुशासन और विविध प्रावधान) विनियम 1965, सेवा की शर्तें और विविध विनियम 1963 और वायु सेना विनियम 1964 में संशोधन किया है।
ये हैं बाध्यता
नियमों के अनुसार चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) पद से सेवानिवृत्त यानि रिटायर होने वाला शख्स किसी भी सरकारी पद को ग्रहण नहीं कर सकता। इसके साथ ही सीडीएस के पद से सेवानिवृत्ति के 5 वर्ष बाद तक भी बिना इजाजत कोई भी निजी रोजगार करने का अधिकार नहीं है।
बिपिन रावत बने पहले सीडीएस
बता दें कि केंद्र सरकार ने साल 2019 में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) पद सृजित किया था। वहीं भारतीय सेना के प्रमुख बिपिन रावत को 30 दिसंबर 2019 को देश के पहले सीडीएस का पद सौंपा गया। इसके बाद से वे इस पद पर रहकर कार्य कर रहे थे। जानकारी के मुताबिक भारत में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) का पद सृजित करने की कार्रवाई कई सालों से चल रही थी। साल 2001 में मंत्रियों के एक समूह ने सीडीएस के पद से सृजित करने की सिफारिश की थी। मंत्रियों का यह जीओएम कारगिल समीक्षा समिति (1999) की रिपोर्ट का अध्ययन कर रहा था।
बता दें कि GoM की इस सिफारिश के बाद सरकार ने साल 2002 में इस पद को सृजित करने के लिए इंटीग्रेटिड डिफेंस स्टाफ बनाया। जिसे CDS सचिवालय के तौर पर काम करना था। इसके 10 साल बाद 2012 में सीडीएस को लेकर नरेश चंद्र समिति ने स्टाफ कमेटी के स्थायी अध्यक्ष को नियुक्त करने की सिफारिश की और तब से ही चीफ ऑफ डिफेंस पद के लिए पूरा मसौदा तैयार करने की कवायद चल रही थी, जिसे साल 2014 के बाद सरकार ने गति दी। फिर साल 2019 में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) पद सृजित किया।