नई दिल्ली

मोदी सरकार के 12 साल पर भाजपा का बड़ा संगठनात्मक मंथन

केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अभियान को जनजन तक पहुंचाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को यहां भाजपा मुख्यालय में साढ़े पांच घंटे लंबी मैराथन बैठक की। बैठक में संगठनात्मक विस्तार, वैचारिक समन्वय और आगामी रणनीति को लेकर व्यापक मंथन हुआ। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में हुई बैठक में पार्टी के सभी प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश संगठन मंत्री व राष्ट्रीय पदाधिकारी शामिल हुए। करीब साढ़े पांच घंटे तक चली इस मैराथन बैठक में छह अलग-अलग सत्र आयोजित किए गए। बैठक का मुख्य फोकस पार्टी का विस्तार, कार्यकर्ताओं के साथ संवाद बढ़ाने, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सहित विचार परिवार के संगठनों के साथ बेहतर तालमेल पर भी जोर दिया गया
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PM Narendra Modi

नई दिल्ली। केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अभियान को जनजन तक पहुंचाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को यहां भाजपा मुख्यालय में साढ़े पांच घंटे लंबी मैराथन बैठक की। बैठक में संगठनात्मक विस्तार, वैचारिक समन्वय और आगामी रणनीति को लेकर व्यापक मंथन हुआ। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में हुई बैठक में पार्टी के सभी प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश संगठन मंत्री व राष्ट्रीय पदाधिकारी शामिल हुए।

सूत्रों के अनुसार करीब साढ़े पांच घंटे तक चली इस मैराथन बैठक में छह अलग-अलग सत्र आयोजित किए गए। बैठक का मुख्य फोकस पार्टी का विस्तार, कार्यकर्ताओं के साथ संवाद बढ़ाने, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सहित विचार परिवार के संगठनों के साथ बेहतर तालमेल पर भी जोर दिया गया।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में यह सुझाव भी दिया गया कि पार्टी नेतृत्व से लेकर बूथ स्तर तक हर महीने एक निश्चित दिन वैचारिक रूप से समान सोच वाले संगठनों और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और समन्वय के लिए निर्धारित किया जा सकता है।

बैठक के बारे में बताते हुए भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. संबित पात्रा ने बताया कि बैठक दोपहर लगभग ढाई बजे से शुरू हुई थी। बैठक रात करीब साढ़े आठ बजे तक चली। जिसके बाद भाजपा की टोली बैठक भी आयोजित हुई। पात्रा ने बताया कि संगठन के विस्तार और जमीनी स्तर पर पार्टी को और अधिक सशक्त करने और समाज के हर वर्ग तक संगठन की पहुंच को व्यापक करने के लिए भी कहा गया और पार्टी से युवाओं को कैसे जोड़ा जा सके, महिलाओं का सशक्तिकरण कैसे हो, अनुसूचित जाति और जनजाति कैसे अधिक शक्ति के साथ आगे बढ़ें तथा प्रोफेशनल्स कैसे और आगे बढ़ें, इन सभी विषयों पर गहन चिंतन हुआ है।

वही सूत्रों के अनुसार इसी संदर्भ में जनसंपर्क अभियानों को अधिक प्रभावी बनाने और केन्द्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की रणनीति पर विचार किया गया। सोशल मीडिया के स्थान पर घर-घर संपर्क अभियान को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। कार्यकर्ताओं से मिलने वाले फीडबैक को प्राथमिकता दें।

Updated on:
02 Jun 2026 11:40 am
Published on:
02 Jun 2026 11:40 am