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कांग्रेस और BJP दोनों पर बरसीं सोनम वांगचुक की पत्नी, बोलीं- पहले एंटी-नेशनल कहा, अब संघी बता रहे

Gitanjali J Angmo on BJP-Congress: सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने सोशल मीडिया पर बीजेपी और कांग्रेस, दोनों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए, न कि देशद्रोह के आरोप लगाकर या राजनीतिक लेबल चिपकाकर।
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नई दिल्ली

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Anand Shekhar

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Updated: 27 Jul 2026, 8:28 PM IST

Gitanjali J Angmo

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो (X)

Gitanjali J Angmo about Politics: लद्दाख के मशहूर सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने देश की दो मुख्य राजनीतिक पार्टियों भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस पर निशाना साधा है। सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में उन्होंने दोनों पार्टियों के ट्रोलिंग के तरीकों की आलोचना करते हुए कहा कि देश का पूरा राजनीतिक सिस्टम ही खराब हो गया है।

झंडे अलग-अलग, लेकिन तरीके एक जैसे: गीतांजलि

सोशल मीडिया एक्स पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए गीतांजलि जे. आंग्मो ने दोनों बड़ी राजनीतिक पार्टियों के ऑनलाइन समर्थकों और IT सेल के दोहरे रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि जब भी कोई निष्पक्ष या स्वतंत्र आवाज उठती है, तो दोनों तरफ के लोग बिना सोचे-समझे उसे कोई न कोई लेबल दे देते हैं।

अपनी पोस्ट में गीतांजलि ने कहा कि जब सोनम वांगचुक को हिरासत में लिया गया, तो BJP के IT सेल ने उन्हें 'देश-विरोधी, चीनी एजेंट, विदेशी फंडिंग वाला ऑपरेटिव' और न जाने क्या-क्या कहा। लेकिन जब उन्होंने प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस पार्टी के विरोध-प्रदर्शन को सिर्फ एक दिखावा बताया, तो कांग्रेस के ट्रोल उन्हें 'संघी, RSS एजेंट या BJP का चमचा' कहने लगे। गीतांजलि ने कहा कि भले ही इन पार्टियों के झंडे अलग हों, लेकिन उनके तरीके एक जैसे हैं। यह बीमारी हमारी पूरी राजनीतिक संस्कृति में फैल गई है।

देश को सिर्फ सरकार नहीं, राजनीति की भाषा बदलने की जरूरत

राजनीतिक पार्टियों के रवैये पर सवाल उठाते हुए गीतांजलि ने कहा कि मौजूदा माहौल में बातचीत के जरिए असहमति सुलझाने के बजाय विपक्ष को बदनाम करने का चलन बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि भारत को फिरफ सत्ता या सरकार बदलने की नहीं, बल्कि अपनी राजनीति के तरीके को बदलने की जरूरत है।

गीतांजलि ने ऐसी राजनीतिक संस्कृति की वकालत की जहां असहमति को बातचीत से सुलझाया जाए, न कि चरित्र हनन करके। जहां देशभक्ति को किसी पार्टी के प्रति वफादारी से नहीं, बल्कि सच्चाई और ईमानदारी से मापा जाए और जहां किसी राजनीतिक पार्टी के प्रति निष्ठा से ज्यादा सच्चाई को अहमियत दी जाए।

सोनम वांगचुक मेदांता अस्पताल से डिस्चार्ज

बता दें कि सोनम वांगचुक को सोमवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। डॉक्टरों की देखरेख में सेहत में सुधार के बाद उन्हें छुट्टी दी गई। अस्पताल से निकलने के बाद वांगचुक अपनी पत्नी गीतांजलि आंग्मो के साथ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने राजघाट गए और इसके बाद लद्दाख लौटने की अपनी योजना की घोषणा की। राजघाट पर मीडिया से बात करते हुए वांगचुक ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक था।