27 जुलाई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

PM मोदी के पंजाब मिशन के सामने नई चुनौती, शंभू बॉर्डर पर किसानों की वापसी से बदला सियासी माहौल

भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में किसान फिर शंभू बॉर्डर पर इकठ्ठा हुए हैं। विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब में BJP की रणनीति के सामने नई चुनौती खड़ी होती दिख रही है।
2 min read
Google source verification

भारत

image

Rahul Yadav

Jul 27, 2026

Punjab Farmers Protest, PM Modi Punjab Mission, Shambhu Border, India US Trade Deal, Punjab BJP, Punjab Politics,

17 जुलाई को पंजाब के जालंधर में जनसभा को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (फाइल फोटो: IANS/PMO)

Punjab Farmers Protest: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया पंजाब यात्रा के बाद भारतीय जनता पार्टी राज्य में विकास, निवेश और बुनियादी ढांचे के एजेंडे के साथ नई राजनीतिक शुरुआत की उम्मीद कर रही थी। लेकिन भारत-अमेरिका प्रस्तावित व्यापार समझौते (India US Trade Deal) के खिलाफ किसानों का आंदोलन तेज होने से पार्टी की रणनीति को नई चुनौती मिलती दिखाई दे रही है। शंभू बॉर्डर पर हजारों किसानों के जुटने और हरियाणा पुलिस द्वारा उन्हें दिल्ली कूच से रोकने के बाद पंजाब में एक बार फिर किसान आंदोलन की तस्वीरें लौट आई हैं।

पंजाब में नई शुरुआत की कोशिश में थी BJP

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब का दौरा किया था। जिसे विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी के राजनीतिक आउटरीच के रूप में देखा गया। इस दौरान विकास परियोजनाओं, निवेश और राज्य के भविष्य को लेकर कई संदेश दिए गए। प्रधानमंत्री ने हरे रंग की पगड़ी भी पहनी, जिसे पंजाब के किसान समुदाय के प्रति एक प्रतीकात्मक संदेश माना गया। इससे यह संकेत देने की कोशिश हुई कि पार्टी अब कृषि कानूनों के पुराने विवाद से आगे बढ़कर विकास के मुद्दों पर राजनीति करना चाहती है।

ट्रेड डील पर किसानों की बढ़ी चिंता

हालांकि, प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते ने किसानों की नई चिंताएं बढ़ा दी हैं। किसान संगठनों का कहना है कि यदि अमेरिकी कृषि और डेयरी उत्पादों पर आयात शुल्क कम किया गया तो इससे भारतीय किसानों और पशुपालकों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। उनका तर्क है कि समझौता अंतिम रूप लेने के बाद विरोध करने से कोई लाभ नहीं होगा इसलिए अभी से अपनी बात रखना जरूरी है।

BJP ने किसानों को दिया भरोसा

पंजाब बीजेपी अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम समझौते से पहले किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें। उनका कहना है कि अभी कोई अंतिम व्यापार समझौता नहीं हुआ है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही भरोसा दिला चुके हैं कि पंजाब के किसानों और पशुपालकों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

विपक्ष ने भी साधा निशाना

प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर विपक्ष भी केंद्र सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस ने इसे पंजाब के कृषि और डेयरी क्षेत्र के लिए नुकसानदायक बताया है। वहीं, आम आदमी पार्टी ने सरकार से समझौते का मसौदा सार्वजनिक करने की मांग की है। शिरोमणि अकाली दल भी किसानों के आंदोलन के समर्थन में उतर आया है। ऐसे में विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले किसानों का मुद्दा एक बार फिर पंजाब की राजनीति के केंद्र में आ गया है।