कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच की घोषणा नाकाफी है। इसके लिए न्यायिक जांच होना चाहिए। यह मुद्दा सिर्फ राजनीति का नहीं, बल्कि 22 लाख युवाओं के भविष्य का है, जिनकी आशाएं और विश्वास टूट रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के 10 साल के शासन में अब तक 80 परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं। पायलट ने यह बातें ‘पत्रिका’ से विशेष बातचीत में कही। पायलट ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की फूल प्रूफ व्यवस्था के दावों के बावजूद, यह तीसरी बार है जब नीट का पेपर लीक हुआ है।
नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले की की घोषणा नाकाफी है। इसके लिए न्यायिक जांच होना चाहिए। यह मुद्दा सिर्फ राजनीति का नहीं, बल्कि 22 लाख युवाओं के भविष्य का है, जिनकी आशाएं और विश्वास टूट रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के 10 साल के शासन में अब तक 80 परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं।
पायलट ने यह बातें ‘पत्रिका’ से विशेष बातचीत में कही। पायलट ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की फूल प्रूफ व्यवस्था के दावों के बावजूद, यह तीसरी बार है जब नीट का पेपर लीक हुआ है। पिछले लीक के लिए सीबीआई जांच हुई थी, लेकिन उसका कोई नतीजा नहीं निकला। इस परीक्षा में बैठन वाले विद्यार्थियों के साथ उनके पूरे परिवार का निवेश होता है। ट्यूशन, कोचिंग, रहने का खर्च अलग से होता है। बार-बार पेपर लीक होने से ईमानदारी से मेहनत करने वाले बच्चों का मनोबल टूटता है और व्यवस्था में विश्वास कम होता है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने पेपर रद्द कर दिया, यह दर्शाता है कि उनके पास पुख्ता सबूत थे। सीबीआई को जांच देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सीबीआई विपक्षी नेताओं पर छापे मारने में व्यस्त रहती है और सरकार के पूर्ण नियंत्रण में है, इसलिए जांच से कुछ नहीं निकलेगा। इसके लिए निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की, ताकि बड़े और प्रभावशाली अपराधी पकड़े जा सकें।
पायलट ने आरोप लगाया कि नीट पेेपर लीक के तार राजस्थान से जुड़े हैं, लेकिन राजस्थान पुलिस ने शुरुआत में लीक की रिपोर्ट दर्ज करने से इनकार कर दिया था। यह बताता है कि राजस्थान सरकार की भूमिका संदिग्ध रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा बड़ी मछली और माफिया पकडऩे की बात तो करती है। राजस्थान में ढाई साल से भाजपा सरकार है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं किया। पायलट ने डबल इंजन सरकार और एनटीए की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया गया, क्योंकि वे एक परीक्षा भी ठीक से आयोजित नहीं कर पा रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सोना खरीदने से बचने वाले बयान पर पायलट ने कहा कि यह बयान महत्वपूर्ण है, लेकिन हल्के में दिया गया है। उन्होंने आशंका व्यक्त जताई कि ये बयान आने वाले दिनों में जनता पर नए टैक्स या आर्थिक दबाव डालने की तैयारी हो सकती है। चुनावों तक कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ, लेकिन चुनाव खत्म होते ही कीमतें बढऩे लगीं। उन्होंने सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाकर सच्चाई बताने की मांग की है।
केरल के मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही खीचतान के सवाल पर पायलट ने कहा कि वे वरिष्ठ पर्यवेक्षक रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे खुद 55 से अधिक सीटों पर प्रचार के लिए गए, सभी जगह नेता एकजुट रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री तय करने से पहले विधायकों के साथ अन्य वरिष्ठ नेताओं से रायशुमारी जरूरी है। कांग्रेस पर्ची से मुख्यमंत्री तय नहीं करती है। जल्द ही मुख्यमंत्री तय हो जाएगा।
राजस्थान में पंचायत व शहरी विकास निकायों के चुनावों को लेकर पायलट ने कहा कि भाजपा सरकार ने डेढ़-दो साल से पंचायत, नगरपालिका और छात्रसंघ चुनाव टाल रखे हैं। अदालत रोजाना सरकार को फटकार लगा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा को डर है कि अगर चुनाव हुए तो जनता उन्हें करारी शिकस्त देगी, जैसा कि उपचुनावों में देखा गया था।